'झोला उठाने का वक्त आ गया': महंगाई के आंकड़ों को लेकर सरकार पर हमलवार कांग्रेस

HIGHLIGHTS
- जयराम रमेश ने महंगाई को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना की।
- सितंबर में खुदरा महंगाई दर 5.54 प्रतिशत पहुंचने का दावा।
- खाद्य महंगाई दर 7.74 प्रतिशत होने और कई खाद्य पदार्थों के दाम बढ़ने का जिक्र।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने बढ़ती महंगाई को लेकर नरेंद्र मोदी सरकार पर एक बार फिर निशाना साधा है। उन्होंने दावा किया कि लगभग सभी खाद्य पदार्थों की कीमतें हद से ज्यादा बढ़ चुकी हैं। कांग्रेस नेता ने कहा कि वोटों की चोरी सच्चाई है और कमर तोड़ महंगाई भी हकीकत है।
जयराम रमेश ने अपने एक्स हैंडल पर एक मीडिया रिपोर्ट साझा करते हुए कहा कि सितंबर में महंगाई दर बढ़कर 5.54 प्रतिशत हो गई है। हालांकि, उनके मुताबिक सबसे बड़ी चिंता खाद्य महंगाई की है, जो 7.74 प्रतिशत तक पहुंच गई है। उन्होंने दावा किया कि खाने-पीने की लगभग हर चीज की कीमतें सीमा पार कर चुकी हैं। प्याज के दाम 108 प्रतिशत, लहसुन के 55 प्रतिशत, अदरक के 63 प्रतिशत और नींबू के 36 प्रतिशत बढ़ गए हैं।
खुदरा महंगाई पर क्या बोले कांग्रेस नेता?
जयराम रमेश ने कहा कि सरकारी आंकड़ों के मुताबिक खुदरा महंगाई दर मार्च में 3.40 प्रतिशत थी, जो लगातार बढ़ते हुए सितंबर में 5.54 प्रतिशत तक पहुंच गई। यह पिछले 23 महीनों का उच्चतम स्तर है।
उन्होंने कहा कि महंगाई का प्रभाव केवल खाने की थाली तक सीमित नहीं है। परिवहन, शिक्षा, कपड़े-जूते और घरेलू सामान समेत जरूरी चीजों के दाम भी बढ़ रहे हैं। उनके अनुसार, गरीबों की थाली से निवाला छिन रहा है, मध्यम वर्ग की बचत खत्म हो रही है और कर्ज का बोझ लगातार बढ़ रहा है। इसके बावजूद प्रधानमंत्री जनता की परेशानियों पर ध्यान नहीं दे रहे हैं और अहंकार में डूबे हुए हैं।
कांग्रेस महासचिव ने आरोप लगाया कि 'अच्छे दिन' का वादा करके सत्ता में आई सरकार वोट चोरी के साथ बचत चोरी भी कर रही है। उन्होंने कहा कि जब सरकार को जनता की नाराजगी और वोट खोने का डर नहीं है, तो उसे लोगों की परवाह क्यों होगी?
जयराम रमेश ने कहा कि महंगाई लगातार बढ़ रही है और वोट चोरी को लेकर जनता का आक्रोश भी बढ़ता जा रहा है, लेकिन प्रधानमंत्री चुप बैठे हैं। उन्होंने टिप्पणी की कि अब प्रधानमंत्री के लिए झोला उठाने का वक्त आ गया है।
आईएमएफ ने रिपोर्ट में क्या कहा?
आईएमएफ ने अक्टूबर 2026 के अपने विश्व आर्थिक आउटलुक में कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में मजबूती बनी हुई है, लेकिन यह मजबूती पहले के मुकाबले अधिक नाजुक और असमान होती जा रही है।
रिपोर्ट में वर्ष 2026 के लिए वैश्विक आर्थिक विकास दर 3.1 प्रतिशत और 2027 के लिए 3.4 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया है। आईएमएफ के मुताबिक, ऊर्जा और खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतों के कारण वैश्विक महंगाई दर 2026 में बढ़कर 4.7 प्रतिशत हो सकती है। इसके बाद 2027 में इसके घटकर 4.1 प्रतिशत पर आने का अनुमान है।
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