बिम्सटेक बैठक में ड्रग तस्करी पर बोले अमित शाह, क्षेत्रीय सहयोग को बताया जरूरी

HIGHLIGHTS
- दिल्ली में बिम्सटेक के गृह मंत्रियों की पहली बैठक आयोजित हुई।
- अमित शाह ने बिम्सटेक को क्षेत्रीय सहयोग और सामूहिक सुरक्षा का महत्वपूर्ण मंच बताया।
- ड्रग तस्करी से निपटने के लिए पूरे क्षेत्र के संयुक्त प्रयासों पर जोर दिया।
दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली में आयोजित बिम्सटेक के गृह मंत्रियों की पहली बैठक को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि इस उद्घाटन बैठक की मेजबानी करना भारत के लिए गर्व और सम्मान की बात है। उन्होंने बिम्सटेक को क्षेत्रीय एकीकरण, आर्थिक सहयोग और सामूहिक सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण मंच बताया।
अमित शाह ने कहा कि भारत आज ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की भावना के साथ आगे बढ़ रहा है। भारत हमेशा शांति, शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व और मानव कल्याण के सिद्धांतों के प्रति प्रतिबद्ध रहा है। उन्होंने कहा कि भारत ने कभी किसी देश पर आक्रमण करने या उस पर प्रभुत्व स्थापित करने में विश्वास नहीं किया। भारत सभी देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करता है और मतभेदों के शांतिपूर्ण समाधान में विश्वास रखता है।
ड्रग तस्करी पर दिया बड़ा बयान
गृह मंत्री अमित शाह ने ड्रग्स की तस्करी को युवाओं, समाज, संस्कृति और आने वाली पीढ़ियों के जीवन पर हमला बताया। उन्होंने कहा कि इस समस्या को किसी एक देश के प्रयासों से नहीं रोका जा सकता। इसके लिए पूरे क्षेत्र को साथ लेकर चलने वाला दृष्टिकोण अपनाना होगा।
अमित शाह ने कहा कि ड्रग तस्करी से होने वाली अवैध कमाई संगठित अपराध को आर्थिक ताकत देती है और इसका इस्तेमाल आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए भी किया जाता है। प्रीकर्सर केमिकल्स का दुरुपयोग और डार्क वेब के माध्यम से होने वाले लेन-देन इस चुनौती को और जटिल बना देते हैं।
उन्होंने मानव तस्करी को भी साझा सुरक्षा और मानवाधिकारों के लिए गंभीर चुनौती बताया। शाह ने कहा कि पीड़ितों की पहचान करने, उन्हें बचाने, सहायता देने, पुनर्वास कराने और सुरक्षित रूप से उनके देश वापस भेजने के लिए सहयोग सामूहिक प्रयासों का महत्वपूर्ण हिस्सा बना रहना चाहिए।
बिम्सटेक संगठन को लेकर क्या बोले अमित शाह?
गृह मंत्री अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 4 अप्रैल 2025 को बैंकॉक में आयोजित छठे बिम्सटेक शिखर सम्मेलन के दौरान दिए गए बयान का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने बिम्सटेक को केवल एक क्षेत्रीय संगठन नहीं, बल्कि समावेशी विकास और सुरक्षा का मॉडल बताया था।
अमित शाह ने कहा कि इस दृष्टिकोण को आगे बढ़ाते हुए गृह मंत्रियों की जिम्मेदारी है कि वे आपसी सहयोग को व्यावहारिक व्यवस्थाओं में बदलें।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.


















Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.