जौहर यूनिवर्सिटी पर कार्रवाई के बीच पहुंचीं तजीन फात्मा, पुलिसकर्मियों को परिसर से बाहर भेजा

HIGHLIGHTS
- रामपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) ने जौहर विश्वविद्यालय के 40 में से 38 भवनों को बिना स्वीकृति निर्माण मानते हुए अवैध घोषित किया, 20 दिन में खुद हटाने का आदेश दिया।
- आजम खां की पत्नी डॉ. तजीन फात्मा विश्वविद्यालय पहुंचीं और प्रबंधन की ओर से कानूनी सलाह लेकर जवाब देने की बात कही, साथ ही परिसर में मौजूद पुलिसकर्मियों को बाहर करवा दिया।
- पीडब्ल्यूडी ने विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार से गुजरने वाली सड़क को सार्वजनिक मार्ग बताते हुए बोर्ड लगाया, वहीं मामला हाईकोर्ट में लंबित है।
रामपुर। समाजवादी पार्टी नेता आजम खां के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय की मुश्किलें कम होती नजर नहीं आ रही हैं। रामपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) ने विश्वविद्यालय परिसर में बने 40 भवनों में से 38 को बिना स्वीकृत नक्शे के निर्माण बताते हुए अवैध घोषित कर दिया है। आरडीए के उपाध्यक्ष एवं जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने विश्वविद्यालय प्रबंधन को 20 दिन के भीतर इन भवनों को स्वयं हटाने का निर्देश दिया है। तय समय में कार्रवाई नहीं होने पर प्राधिकरण खुद ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू कर सकता है।
पीडब्ल्यूडी ने मुख्य गेट पर लगाया सार्वजनिक मार्ग का बोर्ड
इसी बीच लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने विश्वविद्यालय परिसर से गुजरने वाली करीब तीन किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क को सार्वजनिक रास्ता बताते हुए मुख्य प्रवेश द्वार पर बोर्ड लगा दिया है। विभाग का कहना है कि यह सड़क आम लोगों के आवागमन के लिए बनाई गई थी।
पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के अनुसार, वर्ष 2016-17 में तत्कालीन सरकार के कार्यकाल में करीब 17.16 करोड़ रुपये की लागत से इस सड़क का निर्माण कराया गया था। यह मार्ग विश्वविद्यालय के मुख्य गेट से होते हुए लालपुर बांध तक जाता है।
सड़क को लेकर हाईकोर्ट में मामला लंबित
पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता किशन वीर सिंह के मुताबिक, वर्ष 2019 में विश्वविद्यालय प्रशासन ने मुख्य गेट बंद कर दिया था, जिसके बाद विभाग और स्थानीय लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई। इसके बाद नोटिस जारी किए गए और मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंच गया।
उन्होंने बताया कि सड़क को हुए नुकसान के मामले में हाईकोर्ट ने विश्वविद्यालय को 30 प्रतिशत राशि जमा करने का निर्देश दिया था, जबकि गेट हटाने या बनाए रखने को लेकर अंतिम फैसला अभी बाकी है।
तजीन फात्मा ने कहा- कानूनी सलाह के बाद रखेंगे पक्ष
आजम खां की पत्नी डॉ. तजीन फात्मा ने कहा कि विश्वविद्यालय को नोटिस के बाद जवाब देने के लिए समय दिया गया है। उन्होंने बताया कि प्रबंधन कानूनी विशेषज्ञों से सलाह लेकर आगे की कार्रवाई करेगा।
उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर में मौजूद पुलिसकर्मियों को भी बाहर करवा दिया और कहा कि अदालत के आदेश के अनुसार प्रशासनिक गतिविधियों को लेकर उनका पक्ष स्पष्ट है।
आरडीए ने पहले ही दाखिल कर रखी है कैविएट
38 भवनों के खिलाफ कार्रवाई के बाद विश्वविद्यालय प्रबंधन के पास हाईकोर्ट जाने का विकल्प मौजूद है। हालांकि, आरडीए ने पहले ही हाईकोर्ट में कैविएट दाखिल कर दी है, जिसके चलते यदि विश्वविद्यालय याचिका दायर करता है तो अदालत में प्राधिकरण का पक्ष भी सुना जाएगा।
आरडीए ने इससे पहले विश्वविद्यालय को नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने का मौका दिया था। व्यक्तिगत सुनवाई के बाद प्राधिकरण ने भवनों को नियमों के विपरीत मानते हुए ध्वस्तीकरण आदेश जारी किया।
विश्वविद्यालय के पास कानूनी विकल्प खुले
अब विश्वविद्यालय प्रबंधन हाईकोर्ट में चुनौती देने के अलावा आरडीए के सामने कंपाउंडिंग प्रक्रिया के तहत निर्माण को नियमित कराने का विकल्प भी अपना सकता है। इसके लिए निर्धारित शुल्क और नियमों को पूरा करना होगा।
अखिलेश यादव ने कार्रवाई पर उठाए सवाल
जौहर विश्वविद्यालय पर हुई कार्रवाई को लेकर समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा संस्थानों को राजनीतिक नजरिए से निशाना बना रही है।
जमीन और नियमों को लेकर पहले भी विवादों में रहा विश्वविद्यालय
वर्ष 2006 में स्थापित मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय पिछले कुछ समय से जमीन और निर्माण संबंधी विवादों को लेकर चर्चा में रहा है। विश्वविद्यालय का संचालन मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट द्वारा किया जाता है और इसे विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) से मान्यता प्राप्त है।
करीब 300 हेक्टेयर में फैले इस विश्वविद्यालय में इंजीनियरिंग, प्रबंधन, कानून, फार्मेसी, शिक्षा, विज्ञान और अन्य कई पाठ्यक्रम संचालित किए जाते हैं। हाल ही में आजम खां और उनके परिवार के सदस्यों ने ट्रस्ट से दूरी बनाने की जानकारी भी सामने आई थी।
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