विपक्ष ने ओम बिरला को लिखा पत्र, महिला सांसदों के खिलाफ बयान को बताया अपमानजनक

दिल्ली। कुछ कांग्रेस महिला सांसदों ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखा है, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया है कि विपक्ष की भूमिका और महिला सांसदों के संवैधानिक अधिकारों को नजरअंदाज किया जा रहा है। पत्र में सांसदों ने लिखा कि उन्होंने प्रधानमंत्री के खिलाफ शांतिपूर्ण और संवैधानिक तरीके से विरोध प्रदर्शन किया, लेकिन इसके लिए उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।
लोकसभा स्पीकर का बयान
इससे पहले 5 फरवरी को स्पीकर ओम बिरला ने कहा था कि लोकसभा में उस दिन का माहौल अत्यंत तनावपूर्ण था, और ऐसे हालात में कोई अप्रत्याशित घटना भी घट सकती थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसा व्यवहार संसद की गरिमा और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ था।
वहीं, उस दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शाम 5 बजे भाषण देने वाले थे, लेकिन बैठक शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने हंगामा शुरू कर दिया। करीब 8 से 10 महिला सांसद, जिनमें कांग्रेस की तीन महिला सांसद शामिल थीं, पीएम की सीट के पास बैनर लेकर खड़ी हो गईं। इसके कारण सदन की कार्यवाही बाधित हुई और स्पीकर ने बैठक स्थगित कर दी। प्रधानमंत्री का भाषण रद्द कर दिया गया।
स्पीकर ने बाद में कहा कि संभावित अनहोनी से बचने के लिए यह कदम उठाया गया। विपक्ष ने इसे अपना लोकतांत्रिक विरोध बताते हुए लगाए गए आरोपों को खारिज कर दिया।
संसद में जारी गतिरोध
लोकसभा में पिछले लगभग एक सप्ताह से कामकाज प्रभावित है। आठ सांसदों के निलंबन और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के वक्तव्य को रोकने के मुद्दों को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच टकराव जारी है।
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