अलविदा जुमे को लेकर संभल में कड़ी सुरक्षा, पुलिस-प्रशासन सतर्क

संभल: रमजान के आखिरी शुक्रवार, यानी अलविदा जुमे की नमाज के अवसर पर संभल में पुलिस और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। शहर की जामा मस्जिद सहित प्रमुख मस्जिदों के आसपास सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
सभी संभावित अव्यवस्था से निपटने के लिए तीन कंपनी पीएसी के साथ भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं ताकि नमाज शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से अदा हो सके।
अलविदा जुमे की तैयारी और महत्व
उलमा के अनुसार, इस बार रमजान में पांचवां जुमा भी पड़ सकता है और उसके बाद ही ईद उल फितर मनाई जाएगी। इसलिए चौथे जुमा को ही अलविदा जुमे के रूप में मनाने का ऐलान किया गया है। संभल जामा मस्जिद के शाही इमाम मौलाना आफताब हुसैन वारसी ने समुदाय से अपील की है कि नमाज पूरी शांति और अनुशासन के साथ पढ़ी जाए। उन्होंने कहा कि कोई विवाद या अव्यवस्था न हो और प्रशासन द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों का पालन किया जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि सड़कों पर नमाज अदा नहीं की जाएगी। सभी लोग अपनी-अपनी मस्जिदों में ही नमाज पढ़ें और यातायात में व्यवधान न पैदा करें। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी तरह के प्रदर्शन, जुलूस या नारेबाजी की अनुमति नहीं होगी। विशेष रूप से ईरान के समर्थन में किसी भी प्रदर्शन पर पूरी तरह रोक है।
सुरक्षा के व्यापक इंतजाम
संभल जामा मस्जिद क्षेत्र, मुख्य बाजार और प्रमुख मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किए गए हैं। सुरक्षा के लिए ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सोशल मीडिया पर भी निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भ्रामक सूचना या अफवाह को तुरंत रोका जा सके।
डीएम ने बताया कि संभल शहर को अतिसंवेदनशील श्रेणी में रखा गया है। अलविदा जुमे के दौरान 19 मजिस्ट्रेट शहर में तैनात किए गए हैं। इसके अलावा जिलेभर के सभी थानों पर एक-एक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी सुनिश्चित की गई है।
अधिकारियों की अपील
पीस कमेटी की बैठक में लोगों से अनुरोध किया गया है कि नमाज शांतिपूर्ण तरीके से पढ़ी जाए और माहौल को सकारात्मक बनाए रखा जाए। डीएम ने कहा कि किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने चेतावनी दी कि सोशल मीडिया पर माहौल बिगाड़ने के प्रयास पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि चौकसी बरतते हुए लोग प्रशासन की गाइडलाइन का पालन करें और सड़कों पर नमाज न पढ़ें।
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