बालाघाट में दर्दनाक हादसा, कुएं में उतरे दो किसानों की जहरीली गैस से मौत

HIGHLIGHTS
- बालाघाट के पिपरटोला गांव में कुएं में मोटरपंप सुधारने उतरे दो किसानों की जहरीली गैस की चपेट में आने से मौत हो गई।
- एसडीआरएफ की टीम ने देर रात रेस्क्यू अभियान चलाकर कुएं से दोनों किसानों के शव बाहर निकाले।
- पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है, प्रारंभिक तौर पर दम घुटने को मौत की वजह माना जा रहा है।
मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में एक दर्दनाक हादसे ने ग्रामीणों को झकझोर कर रख दिया। किरनापुर थाना क्षेत्र के पिपरटोला गांव में खेत के कुएं में मोटरपंप सुधारने उतरे दो किसानों की जहरीली गैस की चपेट में आने से मौत हो गई। हादसे के बाद गांव में शोक की लहर फैल गई।
मृतकों की पहचान पिपरटोला निवासी युवराज बिसेन (55) और महेश चौधरी (45) के रूप में हुई है। दोनों किसान खेत में लगे खराब मोटरपंप को ठीक करने के लिए कुएं के अंदर गए थे।
कुएं में जमा थी जहरीली गैस, दम घुटने से हुई मौत
जानकारी के अनुसार, युवराज बिसेन के खेत के कुएं में मोटर खराब हो गई थी। गुरुवार शाम करीब छह बजे वह अपने साथी महेश चौधरी के साथ उसे ठीक करने के लिए कुएं में उतरे। बताया जा रहा है कि कुआं काफी समय से बंद था, जिसके कारण अंदर जहरीली गैस जमा हो गई थी।
कुएं में पहुंचते ही दोनों किसान गैस की चपेट में आ गए और दम घुटने से बेहोश होकर नीचे गिर पड़े। काफी देर तक दोनों के बाहर नहीं आने पर परिजनों को चिंता हुई और उन्होंने पुलिस को सूचना दी।
एसडीआरएफ ने देर रात चलाया रेस्क्यू अभियान
घटना की जानकारी मिलते ही किरनापुर पुलिस, प्रशासनिक अधिकारी और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। कुएं के अंदर जहरीली गैस होने के कारण बचाव कार्य काफी जोखिम भरा था।
सुरक्षा इंतजामों के साथ एसडीआरएफ की टीम ने देर रात तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और दोनों किसानों को बाहर निकाला, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्पष्ट होगी मौत की वजह
पुलिस की प्रारंभिक जांच में जहरीली गैस के कारण दम घुटने को हादसे की वजह माना जा रहा है। हालांकि, मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।
गांव में पसरा मातम, लोगों से सावधानी बरतने की अपील
दो किसानों की एक साथ मौत से पिपरटोला गांव में मातम का माहौल है। ग्रामीणों ने बताया कि दोनों किसान मेहनती और मिलनसार स्वभाव के थे।
विशेषज्ञों ने ऐसे हादसों को रोकने के लिए सलाह दी है कि कुएं, टैंक या किसी बंद स्थान में बिना गैस की जांच और सुरक्षा उपकरणों के प्रवेश नहीं करना चाहिए। बंद जगहों में जहरीली गैस जमा हो सकती है, जो थोड़ी सी लापरवाही में जानलेवा साबित हो सकती है।
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