मुजफ्फरनगर में बिना लाइसेंस आयुर्वेदिक दवाइयां बनाने का आरोप, दो गिरफ्तार

HIGHLIGHTS
- पुलिस ने 50 माजून की डिब्बियां बरामद कीं।
- आरएमडी हर्बल कंपनी के नाम वाले 12 बंडल रैपर टेप मिले।
- तलाशी में 270 शीशियां भी बरामद हुईं।
मुजफ्फरनगर में बिना लाइसेंस आयुर्वेदिक कामोत्तेजक दवाइयां तैयार करने और बेचने के आरोप में सिविल लाइन पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इमरान कॉलोनी में कार्रवाई के दौरान बड़ी मात्रा में दवाइयां, पैकेजिंग सामग्री, फर्जी लेबल और अन्य उत्पाद बरामद किए हैं।
पुलिस के अनुसार, आरोपी बाजार से कच्चा माल खरीदकर घर में दवाइयां और माजून तैयार करते थे। इसके बाद उत्पादों पर फर्जी लेबल लगाकर उन्हें आयुर्वेदिक कंपनी का सामान बताकर ऊंची कीमत पर बेचने का आरोप है। पुलिस ने शुक्रवार दोपहर 2 बजे मामले की जानकारी दी।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रामपुरी लद्धावाला निवासी और हाल इमरान कॉलोनी में रहने वाले मोहम्मद फुरकान तथा गाजियाबाद निवासी और हाल इमरान कॉलोनी में रहने वाले शाहिद के रूप में हुई है। दोनों को 24 सितंबर की रात करीब 11:45 बजे इमरान कॉलोनी में पुराने निजामुद्दीन अस्पताल वाली गली से गिरफ्तार किया गया।
माजून और दवाइयों की बड़ी मात्रा बरामद
पुलिस ने तलाशी के दौरान 50 माजून की डिब्बियां और आरएमडी हर्बल कंपनी के नाम वाले रैपर टेप के 12 बंडल बरामद किए। इसके अलावा 270 शीशियां, अलग-अलग रंग और पैकिंग में गोलियों की डिब्बियां, 13 दवा किट और अन्य पैकेट भी मिले।
1525 सिलिकन और 1820 ड्रैगन कंडोम बरामद
पुलिस के अनुसार, मौके से 1525 सिलिकन कंडोम, 1820 ड्रैगन कंडोम और 473 डिल्डो बेल्ट सहित अन्य आपत्तिजनक उत्पाद भी बरामद किए गए हैं।
घर में तैयार करते थे दवाइयां
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में दोनों आरोपियों ने बताया कि वे बाजार से कच्चा माल खरीदकर घर में दवाइयां और माजून तैयार करते थे। इसके बाद इन्हें डिब्बियों में पैक किया जाता था। तैयार उत्पादों पर फर्जी लेबल लगाकर उन्हें बड़ी आयुर्वेदिक कंपनी का उत्पाद बताकर ग्राहकों को बेचने का आरोप है।
पुलिस का कहना है कि पूछताछ में आरोपियों ने आयुर्वेदिक दवाइयां बनाने और बेचने के लिए लाइसेंस या डिग्री नहीं होने की बात भी बताई है।
यूट्यूब और वॉट्सऐप के जरिए प्रचार
पुलिस के अनुसार, आरोपी अपने कारोबार के प्रचार के लिए ऑनलाइन माध्यमों का इस्तेमाल करते थे। यूट्यूब और वॉट्सऐप के जरिए उत्पादों का प्रचार किया जाता था। ग्राहक वॉट्सऐप पर ऑर्डर भेजते थे, जिसके बाद सामान की सप्लाई की जाती थी।
पुलिस ने ऑनलाइन गतिविधियों में इस्तेमाल किए जाने वाले एक लैपटॉप और कंप्यूटर सिस्टम को भी कब्जे में लिया है।
डिजिटल उपकरणों से नेटवर्क की जांच
पुलिस अब बरामद डिजिटल उपकरणों की जांच कर रही है। इनके जरिए ऑनलाइन ग्राहकों, ऑर्डर और कथित बिक्री नेटवर्क से जुड़ी जानकारी जुटाई जा रही है। इसके साथ ही कच्चा माल उपलब्ध कराने वाले लोगों और तैयार उत्पाद खरीदने वालों के बारे में भी जानकारी एकत्र की जा रही है।
दोनों के खिलाफ पहले भी दर्ज हैं मुकदमे
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, दोनों आरोपियों के खिलाफ पहले भी मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने दोनों के खिलाफ आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। साथ ही इस कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
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