मुजफ्फरनगर में बारिश के बीच किसानों की महापंचायत, मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट तक निकाला मार्च

HIGHLIGHTS
- ठाकुर पूरण सिंह के नेतृत्व में किसान मजदूर संगठन ने महापंचायत की।
- दोपहर बाद जीआईसी मैदान में किसानों की संख्या बढ़कर कई हजार हो गई।
- प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों के लिए उचित मुआवजे की मांग उठी।
मुजफ्फरनगर। जिले में भारी बारिश के बावजूद किसानों का उत्साह कम नहीं हुआ। किसान मजदूर संगठन की किसान मजदूर अधिकार महापंचायत में शामिल होने के लिए हजारों किसान ट्रैक्टरों, बसों और निजी वाहनों से जीआईसी मैदान पहुंचे। महापंचायत के बाद किसानों ने अपनी मांगों को लेकर मैदान से कलेक्ट्रेट तक रोष मार्च निकाला और प्रदर्शन किया।
बारिश के कारण देरी से पहुंचे किसान
राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर पूरण सिंह के नेतृत्व में महापंचायत का आयोजन सुबह 11 बजे शुरू होना था। हालांकि, बारिश के चलते दोपहर एक बजे तक मैदान में एक हजार किसान भी नहीं पहुंच सके थे। इसके बाद धीरे-धीरे किसानों की संख्या बढ़ती गई और शाम चार बजे तक कई हजार किसान जीआईसी मैदान में एकत्र हो गए।
महापंचायत में किसानों ने खेती से जुड़ी समस्याओं और अपनी आर्थिक स्थिति को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने फसलों का लाभकारी मूल्य दिलाने, छोटे और सीमांत किसानों का कर्ज माफ करने तथा गन्ने का बकाया भुगतान जल्द कराने की मांग की। इसके अलावा किसान आय आयोग के गठन की मांग भी रखी गई।
खेती की बढ़ती लागत पर जताई चिंता
महापंचायत में किसानों ने डीजल, बिजली और खाद की बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण करने की मांग की। उनका कहना था कि खेती का खर्च लगातार बढ़ रहा है, ऐसे में किसानों को राहत मिलनी चाहिए।
किसानों ने आवारा पशुओं की समस्या से निजात दिलाने और प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग भी उठाई।
खेतिहर मजदूरों के मुद्दे भी उठे
महापंचायत में खेतिहर मजदूरों से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई। संगठन ने मजदूरों के लिए न्यूनतम मजदूरी और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने तथा भूमि अधिग्रहण के मामलों में उचित मुआवजा देने की मांग भी रखी गई। महापंचायत के बाद किसानों ने अपनी मांगों के समर्थन में जीआईसी मैदान से कलेक्ट्रेट तक रोष मार्च निकालकर प्रदर्शन किया।
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