यूपी मानसून सत्र: 4 अगस्त को पेश होगा अनुपूरक बजट, 2027 चुनाव से पहले नई योजनाओं पर नजर
By Hitesh — July 29, 2026

HIGHLIGHTS
- यूपी विधानसभा का मानसून सत्र 3 से 6 अगस्त तक चलने की संभावना, 4 अगस्त को पेश होगा अनुपूरक बजट।
- योगी सरकार अनुपूरक बजट में नई और लोकलुभावन योजनाएं ला सकती है।
- सत्र में संभल हिंसा जांच आयोग की रिपोर्ट और कई विधेयक पेश किए जाएंगे।
Author: — Dainik Dehat
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानमंडल का मानसून सत्र तीन अगस्त से शुरू होने की संभावना है, जो छह अगस्त तक चल सकता है। इस सत्र में वित्तीय वर्ष 2026-27 के अनुपूरक अनुदानों की मांगें चार अगस्त को दोपहर 12:20 बजे सदन में पेश की जाएंगी। वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए माना जा रहा है कि योगी सरकार अनुपूरक बजट में कुछ लोकलुभावन योजनाओं की घोषणा कर सकती है।
सरकार इस अनुपूरक बजट के जरिए कुछ नई योजनाएं भी ला सकती है। सत्र के पहले दिन तीन अगस्त को सदन में शोक प्रस्ताव रखा जाएगा। आजमगढ़ की निजामाबाद विधानसभा सीट से सपा विधायक आलमबदी के निधन के कारण पहले दिन शोक व्यक्त करने के बाद सदन स्थगित किया जा सकता है।
पांच और छह अगस्त को होंगे विधायी कार्य
पांच अगस्त को सदन में विधायी कार्य और अन्य जरूरी काम पूरे किए जाएंगे। वहीं, छह अगस्त को अनुपूरक बजट पर चर्चा के बाद सरकार इसे पारित कराएगी। इससे पहले योगी सरकार वित्तीय वर्ष 2026-27 का मूल बजट नौ लाख 12 हजार करोड़ रुपये से अधिक का पास करा चुकी है।
नौ अध्यादेशों के स्थान पर लाए जा सकते हैं विधेयक
पिछले सत्र के बाद से सरकार अब तक नौ अध्यादेश ला चुकी है। इनमें उत्तर प्रदेश वानिकी और औद्यानिकी विश्वविद्यालय द्वितीय अध्यादेश, उत्तर प्रदेश दंड विधि (अपराधों का शमन और विचारण का उपशमन) (संशोधन) द्वितीय अध्यादेश, उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता (तृतीय संशोधन) अध्यादेश, उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता (चतुर्थ संशोधन) अध्यादेश, उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय (द्वितीय संशोधन) अध्यादेश, उत्तर प्रदेश लोक सेवा (अधिकरण) (द्वितीय संशोधन) अध्यादेश, उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय (तृतीय संशोधन) अध्यादेश, उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय (चतुर्थ संशोधन) अध्यादेश और उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय (पंचम संशोधन) अध्यादेश शामिल हैं।
इन अध्यादेशों के स्थान पर सरकार इस सत्र में प्रतिस्थानी विधेयक ला सकती है। इसके अलावा कुछ नए विधेयक भी पेश किए जाने की संभावना है।
संभल हिंसा जांच आयोग की रिपोर्ट होगी पेश
मानसून सत्र के दौरान विभिन्न विभागों से जुड़े भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (CAG) के प्रतिवेदन भी सदन में रखे जाएंगे।
इसके साथ ही संभल में 24 नवंबर 2024 को शाही जामा मस्जिद के सर्वेक्षण के दौरान हुई हिंसा की जांच के लिए गठित तीन सदस्यीय न्यायिक आयोग की रिपोर्ट भी इसी सत्र में पेश की जाएगी।
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