यूपी रेरा का बड़ा फैसला, अवैध ट्रांसफर शुल्क पर ऑनलाइन शिकायत सुविधा शुरू

HIGHLIGHTS
- घर खरीदारों और फ्लैट आवंटियों को बड़ी राहत देते हुए उत्तर प्रदेश भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण (UP RERA) ने बिल्डरों द्वारा वसूले जा रहे अवैध ट्रांसफर शुल्क के खिलाफ ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने की सुविधा शुरू कर दी है।
- यह कदम एक मीडिया रिपोर्ट के सामने आने के बाद उठाया गया, जिसमें इस मुद्दे को प्रमुखता से उजागर किया गया था।
- ऑनलाइन शिकायत प्रणाली शुरू UP RERA ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि अब आवंटी अवैध ट्रांसफर चार्ज के मामलों में सीधे पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर सकेंगे।
- इसके लिए फॉर्म-एम…
नोएडा। घर खरीदारों और फ्लैट आवंटियों को बड़ी राहत देते हुए उत्तर प्रदेश भू-सम्पदा विनियामक प्राधिकरण (UP RERA) ने बिल्डरों द्वारा वसूले जा रहे अवैध ट्रांसफर शुल्क के खिलाफ ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने की सुविधा शुरू कर दी है। यह कदम एक मीडिया रिपोर्ट के सामने आने के बाद उठाया गया, जिसमें इस मुद्दे को प्रमुखता से उजागर किया गया था।
ऑनलाइन शिकायत प्रणाली शुरू
UP RERA ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि अब आवंटी अवैध ट्रांसफर चार्ज के मामलों में सीधे पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर सकेंगे। इसके लिए फॉर्म-एम के तहत ई-कोर्ट प्रणाली का विकल्प उपलब्ध कराया गया है। यह व्यवस्था सामान्य विनियम-2019 में किए गए संशोधन के लागू होने के बाद शुरू की गई है।
नए नियमों में ट्रांसफर शुल्क की सीमा तय
संशोधित नियमों के अनुसार अब प्रमोटर या डेवलपर ट्रांसफर, उत्तराधिकार या आवंटन से जुड़े मामलों में निर्धारित सीमा से अधिक शुल्क नहीं ले सकेंगे। यदि कोई बिल्डर तय सीमा से ज्यादा राशि मांगता है, तो उसके खिलाफ ई-कोर्ट के माध्यम से शिकायत दर्ज की जा सकेगी।
नए प्रावधानों के तहत—
- परिवार के सदस्य को ट्रांसफर पर अधिकतम ₹1,000 प्रोसेसिंग शुल्क
-
गैर-परिवारिक व्यक्ति को ट्रांसफर पर अधिकतम ₹25,000 शुल्क
निर्धारित किया गया है।
इसके अलावा, अब पुराने समझौते में ही एंडोर्समेंट के जरिए रिकॉर्ड अपडेट किया जाएगा, जिससे प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सरल होगी।
ऑनलाइन शिकायत कैसे करें
आवंटी UP RERA की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ई-कोर्ट लॉगिन/साइन-अप कर सकते हैं। इसके बाद फॉर्म-एम भरकर “Unlawful Transfer Charges” श्रेणी चुननी होगी। आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने के बाद निर्धारित शुल्क के साथ शिकायत दर्ज की जा सकेगी।
आवंटियों और संगठनों की प्रतिक्रिया
आवंटियों और सोसायटी प्रतिनिधियों ने इस फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि इससे बिल्डरों की मनमानी पर रोक लगेगी और पारदर्शिता बढ़ेगी। कई प्रतिनिधियों ने इसे घर खरीदारों के लिए बड़ी राहत बताया है और इस पहल के लिए यूपी रेरा की सराहना की है।
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