सदन में हंगामा जारी: ओम बिरला बोले- विरोध तर्कों से होना चाहिए, नारेबाजी से नहीं

संसद के बजट सत्र में आज विपक्ष और सरकार के बीच तीखी बहस देखने को मिली। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने चीन सीमा विवाद और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार को घेरा, तो वहीं केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने इसके जवाब में भारत-अमेरिका व्यापार समझौते और अन्य आर्थिक मामलों पर अपनी बात रखी।
एक दिन पहले ही पीयूष गोयल ने इस व्यापार समझौते को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी, और आज उन्होंने लोकसभा में भी इसका ब्यौरा पेश किया। उनके भाषण के दौरान विपक्षी सांसदों ने विरोध जताते हुए नारेबाजी और टेबल पीटकर हंगामा किया। कुछ विपक्षी सदस्य राहुल गांधी को बोलने के लिए वेल में भी आ गए।
इस पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि सदन में नियमों और मर्यादा का पालन करना सभी सांसदों की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा, “विरोध करने का अपना तरीका होता है। केवल नारेबाजी या पोस्टर लेकर आना सही नहीं है। महत्वपूर्ण मुद्दों पर तर्कपूर्ण बहस के माध्यम से ही विरोध दिखाया जा सकता है। अगर सदन की गरिमा का उल्लंघन किया जाएगा, तो इससे लोकतंत्र पर जनता का भरोसा कमजोर होगा।”
ओम बिरला ने विपक्षी सांसदों को याद दिलाया कि वे सभी वरिष्ठ नेता हैं और उनके लिए यह आवश्यक है कि वे सदन की मर्यादा का सम्मान करें। उन्होंने साफ कहा कि सदन में तर्क और शब्दों से ही असहमति जताई जा सकती है, न कि हंगामा या अनुशासनहीनता के जरिए।
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