पश्चिम एशिया में युद्ध तेज, आठवें दिन बड़े हमले; ट्रंप ने जमीनी कार्रवाई के दिए संकेत

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष शनिवार को आठवें दिन और अधिक तीव्र हो गया। दोनों पक्षों की ओर से बड़े पैमाने पर हमले किए गए। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि हालात को देखते हुए जमीनी सैन्य कार्रवाई का विकल्प भी विचाराधीन है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ट्रंप ने संभावित जमीनी अभियान को लेकर अपने शीर्ष सलाहकारों और रिपब्लिकन नेताओं के साथ चर्चा की है। वहीं संघर्ष में रूस की अप्रत्यक्ष भूमिका की भी चर्चा तेज हो गई है।
ईरान और इजरायल के बीच हमले तेज
ईरान ने दावा किया है कि उसने जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर तैनात लगभग 300 मिलियन डॉलर की THAAD एयर डिफेंस प्रणाली को मिसाइल हमले में नष्ट कर दिया। दूसरी ओर इजरायल ने दावा किया कि उसने ईरान के 16 लड़ाकू विमानों को निशाना बनाकर तबाह कर दिया है।
अमेरिकी नौसेना का दावा
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अब तक अमेरिकी नौसेना ईरान के 42 जहाजों को डुबो चुकी है। इसी दौरान ड्रोन हमले में दुबई एयरपोर्ट के रनवे को नुकसान पहुंचने की खबर है। वहीं मरीना टावर की एक रिहायशी इमारत के पास ड्रोन का मलबा गिरने से बाहरी हिस्से में आग लग गई।
कुवैत ने हालात को देखते हुए अपने तेल उत्पादन में कटौती की घोषणा की है और निर्यात पर अस्थायी रोक लगा दी है। अमेरिका और इजरायल ने भी अपने हजारों नागरिकों को सुरक्षित वापस बुला लिया है।
हजारों भारतीयों की वतन वापसी
भारतीय विदेश मंत्रालय के अनुसार अब तक करीब 52,000 भारतीयों को सुरक्षित स्वदेश लाया जा चुका है। सरकार लगातार वहां मौजूद भारतीयों को निकालने के प्रयास में जुटी हुई है।
अमेरिका ने रूस पर लगाया आरोप
अमेरिकी अधिकारियों ने आरोप लगाया है कि रूस ईरान को अमेरिकी और इजरायली सैन्य ठिकानों से जुड़ी खुफिया जानकारी उपलब्ध करा रहा है। बताया जा रहा है कि उपग्रह तस्वीरों और सैन्य गतिविधियों से संबंधित डेटा ईरान के साथ साझा किया जा रहा है। हालांकि कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान के लिए इन सूचनाओं का पूरा इस्तेमाल करना फिलहाल आसान नहीं होगा।
तेहरान और बंदर अब्बास में धमाके
शनिवार को ईरान की राजधानी तेहरान में कई जोरदार धमाके सुनाई दिए। रिपोर्ट्स के अनुसार इजरायल ने बंदर अब्बास नौसैनिक अड्डे पर भी हमला किया। वहीं तेहरान के मेहराबाद एयरपोर्ट पर हमले के बाद आग लगने की घटना सामने आई।
इजरायल का कहना है कि इस कार्रवाई में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड के कुद्स बल द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले कई सैन्य संसाधनों को भारी नुकसान पहुंचा है।
THAAD प्रणाली को बड़ा झटका
जॉर्डन के मुवाफ्फक सल्ती एयरबेस पर तैनात THAAD मिसाइल रक्षा प्रणाली के नष्ट होने को अमेरिका के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। यह प्रणाली लंबी दूरी से बैलिस्टिक मिसाइलों का पता लगाकर उन्हें हवा में ही नष्ट करने में सक्षम मानी जाती है।
खाड़ी और मध्य पूर्व में भी तनाव
ईरान के संयुक्त राष्ट्र में राजदूत अमीर सईद इरावनी के मुताबिक अमेरिकी और इजरायली हमलों में अब तक 1332 ईरानी नागरिकों की मौत हो चुकी है। वहीं ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने आरोप लगाया कि अमेरिका ने क़ेश्म द्वीप के एक डीसैलिनेशन प्लांट को निशाना बनाया, जिससे कई गांवों में पीने के पानी का संकट पैदा हो गया।
इसके जवाब में ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड ने बहरीन के जुफैर सैन्य अड्डे को निशाना बनाया। राजधानी मनामा में भी धमाकों की आवाजें सुनी गईं।
लेबनान और अन्य क्षेत्रों में भी संघर्ष
लेबनान में जारी इजरायली हमलों में शनिवार को 41 और लोगों की मौत हो गई। इस संघर्ष में अब तक वहां करीब 294 लोग मारे जा चुके हैं। इजरायल के रक्षा मंत्री ने लेबनान सरकार को चेतावनी दी है कि यदि हिजबुल्ला को निशस्त्र करने के समझौते का पालन नहीं किया गया तो पूरे देश को इसके परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
खाड़ी देशों में हमले नाकाम
सऊदी अरब ने दावा किया है कि उसने शायबाह तेल क्षेत्र पर किए गए ईरानी ड्रोन हमले को विफल कर दिया। वहीं संयुक्त अरब अमीरात ने बताया कि उसने 125 ड्रोन और छह बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया।
यूएई के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायेद अल नाहयान ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि देश कठिन समय से गुजर रहा है, लेकिन नागरिकों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
इजरायल को नया हथियार पैकेज
अमेरिका ने इजरायल को 150 मिलियन डॉलर के नए हथियार पैकेज की मंजूरी दी है, जिसके तहत करीब 20 हजार बम उपलब्ध कराए जाएंगे। दूसरी ओर ब्रिटेन ने अपने विमानवाहक पोत एचएमएस प्रिंस ऑफ वेल्स को तैयार रहने का निर्देश दिया है।
वहीं तुर्किए भी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच साइप्रस के पास अपने एफ-16 लड़ाकू विमानों को तैनात करने पर विचार कर रहा है।
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