पश्चिम एशिया संघर्ष: जयशंकर लोकसभा में साफ करेंगे भारत का रुख

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष लगातार तीव्र होता जा रहा है। अमेरिका और इज़राइल के हमलों के बीच ईरान भी कड़े जवाब दे रहा है। मिसाइलों और ड्रोन हमलों की यह स्थिति अब नौवें दिन में प्रवेश कर चुकी है और पूरे क्षेत्र में तनाव चरम पर है। इस बीच, इसका असर भारत की राजनीतिक और कूटनीतिक चर्चा पर भी देखने को मिल रहा है। विपक्ष लगातार केंद्र सरकार के रुख को लेकर सवाल उठा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, संसद का बजट सत्र के दूसरे चरण के पहले दिन, सोमवार को, भारत सरकार इस मामले में अपनी स्थिति स्पष्ट करेगी। केंद्रीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर लोकसभा में पश्चिम एशिया की मौजूदा स्थिति पर चर्चा करेंगे और सरकार का रुख सदन में पेश करेंगे।
लोकसभा में क्या जानकारी दी जाएगी
लोकसभा की 9 मार्च की संशोधित कार्यसूची के अनुसार, विदेश मंत्री जयशंकर सदन को क्षेत्रीय परिस्थितियों और वहां फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा के बारे में अवगत कराएंगे।
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अमेरिका और इज़राइल की ओर से ईरान पर लगातार हवाई हमले हो रहे हैं।
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ईरान ने भी इज़राइल और खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर पलटवार किया है।
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इस संघर्ष के चलते पूरे क्षेत्र में सुरक्षा की स्थिति अत्यंत तनावपूर्ण बनी हुई है।
भारत सरकार की नजर
भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा है कि भारत सरकार पश्चिम एशिया में बदलती परिस्थितियों पर लगातार नजर रखे हुए है, खासकर वहां फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर।
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अब तक, आंशिक रूप से हवाई मार्ग खुलने के बाद 52,000 से अधिक भारतीय नागरिक सुरक्षित भारत लौट चुके हैं।
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सरकार ने यह भी कहा कि आवश्यकता पड़ने पर बाकी नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए सभी कदम उठाए जाएंगे।
इस बीच, संसद में होने वाली चर्चा से यह स्पष्ट होगा कि भारत संकट के समय अपनी नागरिक सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए क्या कदम उठा रहा है।
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