उत्तराखंड में जल्द शुरू होगी किडनी ट्रांसप्लांट सुविधा, मुख्य सचिव ने दिए निर्देश

HIGHLIGHTS
- जिला और बड़े उप जिला अस्पतालों के लिए 31 मार्च 2027 तक की समयसीमा तय की गई।
- चिकित्सकों के रिक्त पद भरने और विशेषज्ञ डॉक्टरों को विजिटिंग डॉक्टर के रूप में जोड़ने पर जोर दिया गया।
- जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र की प्रक्रिया आसान बनाने और जनसेवाओं को सेवा का अधिकार अधिनियम के दायरे में लाने के निर्देश दिए गए।
मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने मंगलवार को सचिवालय में चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक की। उन्होंने प्रदेश में स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा की वर्तमान स्थिति की जानकारी लेते हुए आमजन को गुणवत्तापरक उपचार और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने अस्पतालों में उपचार और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए प्रदेश के सभी चिकित्सालयों को नेशनल एक्रीडिटेशन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल्स एंड हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स (एनएबीएच) से प्रत्यायन कराने के निर्देश दिए। प्रथम चरण में सभी जिला अस्पतालों और बड़े उप जिला अस्पतालों का 31 मार्च 2027 तक एनएबीएच प्रत्यायन सुनिश्चित करने को कहा गया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को प्रक्रिया तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए, ताकि अस्पताल निर्धारित मानकों को समय पर पूरा कर सकें। अस्पतालों में गुणवत्ता बनाए रखने के लिए एनएबीएच के माध्यम से नियमित निरीक्षण की व्यवस्था करने पर भी जोर दिया गया।
ई-हॉस्पिटल और स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटलीकरण पर जोर
मुख्य सचिव ने प्रदेश के अस्पतालों को डिजिटाइज करते हुए ई-हॉस्पिटल की दिशा में तेजी से कदम बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने एकीकृत स्वास्थ्य प्रबंधन प्रणाली को प्रदेश में तत्काल लागू करने को कहा। इसके प्रभावी संचालन के लिए आवश्यक प्रशिक्षण, तकनीकी सहयोग और वार्षिक रखरखाव अनुबंध (एएमसी) की व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।
रिक्त चिकित्सकीय पद जल्द भरने के निर्देश
उन्होंने चिकित्सकों के रिक्त पदों को जल्द भरने के साथ ही गुणवत्तापरक स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न विकल्पों पर काम करने को कहा। उन्होंने सेवानिवृत्ति के बाद भी सेवाएं देने के इच्छुक चिकित्सकों के संबंध में सेवानिवृत्ति से पहले ही आवश्यक औपचारिकताएं और पेपर वर्क पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि पद रिक्त होने पर उन्हें उनकी इच्छानुसार स्थान पर सेवाएं देने का अवसर मिल सके।
इसके साथ ही निजी अस्पतालों में कार्यरत विशेषज्ञ चिकित्सकों को विजिटिंग डॉक्टर के रूप में जोड़ने की संभावनाओं पर भी काम करने के निर्देश दिए गए।
जल्द शुरू होगी किडनी ट्रांसप्लांट सुविधा
मुख्य सचिव ने प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में संचालित डायलिसिस सुविधा को 24×7 किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रदेश में किडनी ट्रांसप्लांट की सुविधा भी जल्द शुरू करने को कहा।
बैठक में बताया गया कि किडनी ट्रांसप्लांट के लिए जरूरी बुनियादी ढांचा तैयार कर लिया गया है और विशेषज्ञ की व्यवस्था भी कर ली गई है। इस पर मुख्य सचिव ने अगले तीन माह के भीतर किडनी ट्रांसप्लांट सुविधा शुरू करने के निर्देश दिए।
जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र की प्रक्रिया होगी सरल
मुख्य सचिव ने आमजन को जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र आसानी से उपलब्ध कराने के लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने कहा कि जन्म प्रमाण पत्र के लिए माता-पिता को अस्पताल, नगर निगम या अन्य कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें। ऐसी व्यवस्था विकसित की जाए, जिससे माता-पिता को जन्म प्रमाण पत्र स्वतः उपलब्ध हो सके।
इसी तरह मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए भी मृतक के परिजनों को अनावश्यक परेशानी न हो। उन्होंने प्रक्रिया में आ रही व्यावहारिक समस्याओं की पहचान कर तत्काल समाधान करने और अधिक से अधिक जनसेवाओं को सेवा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत लाने पर जोर दिया।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.






















Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.