सुप्रीम कोर्ट में वाट्सएप और मेटा ने दिया आश्वासन, डेटा गोपनीयता नियमों का करेंगे पालन

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि इंटरनेट की दिग्गज कंपनियां वाट्सएप और मेटा भारतीय कानूनों और गोपनीयता मानकों का पालन करें। इसके जवाब में दोनों कंपनियों ने अदालत को आश्वासन दिया कि वे विज्ञापन संबंधित डेटा पर राष्ट्रीय कंपनी कानून अपीलीय न्यायाधिकरण (एनक्लैट) द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआइ) के गोपनीयता और सहमति नियम लागू करेंगी।
इस मामले की सुनवाई प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जोयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम पंचोली की पीठ कर रही है। पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया कि यदि ये कंपनियां भारतीय संविधान और नियमों का पालन नहीं करेंगी, तो उन्हें देश से बाहर जाना पड़ेगा।
सीसीआइ की ओर से दायर प्रति-अपील में भी सवाल उठाए गए हैं। इसमें एनक्लैट के उस फैसले को चुनौती दी गई है, जिसमें वाट्सएप और मेटा को विज्ञापन हेतु यूजर डेटा साझा करने की अनुमति दी गई थी।
वाट्सएप की ओर से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने अदालत को बताया कि दोनों कंपनियों ने 16 मार्च तक एनक्लैट के निर्देशों का पालन करने का फैसला किया है। इस पर प्रधान न्यायाधीश ने स्थगन की मांग वाली याचिकाओं को खारिज करते हुए कहा कि मुख्य अपील के मुद्दों पर बिना पूर्वाग्रह के निर्णय लिया जाएगा।
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