यूपी चुनाव में भाजपा उतारेगी कई बड़े चेहरे? टिकट के लिए इन नेताओं के नामों पर चल रहा मंथन

HIGHLIGHTS
- भाजपा उत्तर प्रदेश में नवंबर के अंत तक उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर सकती है।
- पार्टी इस बार टिकट वितरण की पारंपरिक प्रक्रिया में बदलाव करने की तैयारी में है।
- स्वतंत्र देव सिंह का नाम सीतापुर की बिसवां विधानसभा सीट से चर्चा में है।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में चुनावी सरगर्मी बढ़ने के साथ ही राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। विरोधियों की रणनीति को समझने के साथ-साथ सभी दल अपनी चुनावी बिसात बिछाने में जुटे हैं। इसी बीच तीसरी बार सत्ता में वापसी की कोशिश कर रही भाजपा अपनी रणनीति में बदलाव करने की तैयारी में है। चर्चा है कि पार्टी नवंबर के आखिरी सप्ताह तक उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर सकती है। हाल ही में दिल्ली में हुई बैठक के दौरान इस रणनीति को लेकर रूपरेखा तैयार की गई।
नई रणनीति के तहत भाजपा कई मौजूदा मंत्रियों, राज्यसभा और विधान परिषद सदस्यों के साथ संगठन में लंबे समय से सक्रिय अनुभवी नेताओं को भी चुनावी मैदान में उतार सकती है। पार्टी इन नेताओं की क्षेत्र में लोकप्रियता और संगठनात्मक पकड़ को परखना चाहती है। इसके जरिए यह संदेश देने की भी कोशिश होगी कि बड़े पदों पर रहे नेताओं को भी जनता के बीच जाकर अपनी लोकप्रियता साबित करनी होगी।
दिल्ली के राजनीतिक गलियारों में चल रही चर्चाओं के मुताबिक, भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व उत्तर प्रदेश में टिकट वितरण की पुरानी प्रक्रिया में बदलाव करना चाहता है। इसके लिए केंद्र और प्रदेश संगठन के साथ सरकार की ओर से भी अलग-अलग सर्वे कराए गए हैं।
सीतापुर की बिसवां सीट से चुनाव लड़ सकते हैं स्वतंत्र देव सिंह
इस बार भाजपा आखिरी समय में उम्मीदवारों के नाम घोषित करने के बजाय पहले ही प्रत्याशियों के चेहरे सामने लाने पर विचार कर रही है। इससे पार्टी को चुनावी माहौल का अंदाजा लगाने और विपक्षी दलों की रणनीति को समझने का मौका मिलेगा।
इसी कड़ी में जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह का नाम सीतापुर जिले की कुर्मी बहुल बिसवां विधानसभा सीट से संभावित उम्मीदवार के रूप में चर्चा में है।
प्रयागराज की शहरी सीट से केशव प्रसाद मौर्य के नाम की चर्चा
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक को एक बार फिर लखनऊ कैंट विधानसभा सीट से चुनाव लड़ाए जाने की संभावना जताई जा रही है। वहीं, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को प्रयागराज की किसी शहरी सीट से मैदान में उतारने की चर्चा है।
इसके अलावा मंत्री भूपेंद्र चौधरी को मुरादाबाद मंडल की किसी विधानसभा सीट से टिकट दिए जाने की अटकलें हैं। पूर्व मंत्री और विधान परिषद सदस्य डॉ. महेंद्र सिंह को प्रतापगढ़ जिले की पट्टी विधानसभा सीट से चुनावी मैदान में उतारा जा सकता है।
वहीं, विधान परिषद सदस्य अनूप गुप्ता के लिए सीतापुर, प्रदेश उपाध्यक्ष नीरज सिंह के लिए लखनऊ पूर्व और सुभाष यदुवंश के लिए करहल विधानसभा सीट की चर्चा चल रही है। ब्रजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्य को चुनाव लड़ने का अनुभव है, जबकि अन्य संभावित उम्मीदवार संगठन में लंबे समय से सक्रिय रहे हैं।
अमेठी और औरैया की सीटों पर भी दिग्गजों के नाम चर्चा में
अमेठी की राजनीति में हलचल के बीच विधान परिषद सदस्य गोविंद नारायण शुक्ला को भी विधानसभा चुनाव में उतारे जाने की चर्चा है। वहीं, राज्यसभा सदस्य और प्रदेश महामंत्री गीता शाक्य का नाम औरैया जिले की बिधूना विधानसभा सीट से जोड़ा जा रहा है।
दूसरी ओर, मथुरा जिले की मांट विधानसभा सीट से विधायक और प्रदेश महामंत्री राजेश चौधरी का चुनाव लड़ना लगभग तय माना जा रहा है।
भाजपा की इस संभावित रणनीति के तहत पार्टी संगठन के अनुभवी और बड़े नेताओं को सीधे चुनावी मैदान में उतारकर उनकी लोकप्रियता और जनाधार का आकलन करना चाहती है। हालांकि, उम्मीदवारों के नामों को लेकर अभी अंतिम आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
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