बिहार विधानमंडल का मानसून सत्र 22 जुलाई से शूरू हो रहा है। विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष की भूमिका में इस बार भी राबड़ी देवी ही नजर आएंगी। राष्ट्रीय जनता दल के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने बिहार विधान परिषद सचिवालय से पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी को नेता विरोध दल के रूप मान्यता देने का अनुरोध किया। इसके बाद कार्यकारी सभापति ने राबड़ी देवी को नेता विरोधी दल की मान्यता दे दी। इसकी अधिसूचना भी जारी कर दी गई है। आज विधानसभा में सत्तारूढ़ दल के सचेतक का मनोनयन किया गया है। सीएम नीतीश कुमार की ओर मनोनयन की सूचना दी गई। वहीं बिहार विधानसभा अध्यक्ष नंद किशोर यादव ने सचेतकों के मनोनयन की स्वीकृति प्रदान कर दी। 

भाजपा के छह और जदयू के तीन विधायक बने सचेतक
जनता दल के चर्चित विधायक गोपाल मंडल, भारतीय जनता पार्टी फायर ब्रांड हरि भूषण ठाकुर बचौल को सचेतक बनया गया है। वहीं भाजपा विधायक संजय सरावगी, जदयू विधायक राजकुमार सिंह, जदयू विधायक सुधांशु शेखर, भाजपा विधायक बीरेंद्र सिंह, भाजपा विधायक कृष्ण कुमार ऋषि, भाजपा विधायक आलोक रंजन, भाजपा विधायक विजय कुमार मंडल को भी सचेतक बनाया गया है। 

विधान परिषद में सत्ता पक्ष से इन्हें बनाया गया सचेतक
इधर,  विधान परिषद में सता पक्ष की ओर से सचेतक, उप मुख्य सचेतक और उपनेता का मनोनयन कर दिया गया है। विधान परिषद में जदयू के नीरज कुमार और रीना देवी को सचेतक बनाया गया है। भाजपा के प्रो राजेन्द्र प्रसाद गुप्ता और जदयू के ललन कुमार सर्राफ को सत्तारूढ़ दल का उपनेता बनाया गया है। भाजपा के संजय प्रकाश को उप मुख्य सचेतक बनाया गया है। पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी नेता प्रतिपक्ष की भूमिका में नजर आएंगी। बता दें कि पांच दिवसीय मानसूत्र सत्र में 26 जुलाई को अनूपूरक बजट पेश किया जाएगा।