दरभंगा। दरभंगा शहर के लहेरियासराय और नगर थाना क्षेत्र स्थित विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर सिपाही भर्ती परीक्षा के दौरान नकल और फर्जीवाड़े के आरोप में छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें पांच परीक्षार्थी शामिल हैं। पुलिस ने इनके पास से ब्लूटूथ, वॉकी-टॉकी और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी बरामद किए हैं।

जानकारी के अनुसार, कुछ अभ्यर्थियों को इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के जरिए नकल करते हुए पकड़ा गया, जबकि कुछ दूसरे के स्थान पर परीक्षा देते पाए गए। वहीं एक आरोपी को परीक्षा केंद्र के बाहर संदिग्ध स्थिति में ब्लूटूथ और वॉकी-टॉकी के साथ गिरफ्तार किया गया।

तीन केंद्रों से हुई गिरफ्तारी

अधिकारियों के अनुसार, मारवाड़ी कॉलेज परीक्षा केंद्र से तीन लोगों को पकड़ा गया, जबकि एमएलएसएम कॉलेज और एमएआर स्कूल से क्रमशः एक-एक और दो अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया गया। सभी को पुलिस के हवाले कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

एडीएम सह नोडल पदाधिकारी सलीम अख्तर ने बताया कि मारवाड़ी कॉलेज से पकड़े गए तीन आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।

फर्जी पहचान और डमी कैंडिडेट का खुलासा

जांच में सामने आया है कि मारवाड़ी कॉलेज से पकड़े गए एक अभ्यर्थी ने अपनी पहचान और जन्मतिथि बदलकर परीक्षा दी थी, हालांकि उसने अपने माता-पिता का नाम नहीं बदला था, जिससे उसका फर्जीवाड़ा पकड़ा गया।

वहीं एक अन्य आरोपी अपने भाई के स्थान पर परीक्षा देते हुए पकड़ा गया, जबकि तीसरा व्यक्ति परीक्षा केंद्र के बाहर इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के साथ मौजूद था।

एमएलएसएम कॉलेज से पकड़ा गया आरोपी कान में ब्लूटूथ डिवाइस लगाए हुए था, जिससे वह नकल कर रहा था।

पहले भी दे चुके थे परीक्षा

जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ आरोपी पहले भी अन्य जिलों में परीक्षा दे चुके थे। एक अभ्यर्थी ने 14 जून को भी परीक्षा दी थी और नाम व जन्मतिथि बदलकर मैट्रिक की परीक्षा पास की थी।

12 लाख रुपये में सौदे का खुलासा

पुलिस पूछताछ में यह भी जानकारी सामने आई है कि इस पूरे नेटवर्क का संचालन पटना के अनिसाबाद से किया जा रहा था। बताया जा रहा है कि प्रत्येक अभ्यर्थी से लगभग 12 लाख रुपये में परीक्षा पास कराने का सौदा तय हुआ था।

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और इस गिरोह के मास्टरमाइंड तक पहुंचने के लिए छापेमारी तेज कर दी गई है।