छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में 37 नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर आत्मसमर्पण किया है। इस समूह में मिनपा हमले जैसी घटनाओं में शामिल नक्सली भी शामिल हैं। दंतेवाड़ा पुलिस अधीक्षक गौरव राय ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली अब पुनर्वास और समाज की मुख्यधारा में लौटने की दिशा में कदम उठा रहे हैं।

पुलिस ने बताया कि इन नक्सलियों पर कुल 65 लाख रुपये का इनाम घोषित था। पिछले 20 महीनों में दंतेवाड़ा जिले में 508 से अधिक नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, जिनमें 165 ईनामी शामिल हैं। लोन वर्राटू अभियान के तहत अब तक 1,160 नक्सलियों ने संगठन छोड़ दिया है, जिसमें दंतेवाड़ा और सीमावर्ती जिलों बस्तर, बीजापुर, नारायणपुर के 916 पुरुष और 244 महिला नक्सली शामिल हैं।

इस समूह में शामिल प्रमुख नक्सलियों में कुमली उर्फ अनिता मंडावी, गीता उर्फ लक्ष्मी मड़काम, रंजन उर्फ सोमा मंडावी, भीमा उर्फ जहाज कलमू, क्रांति उर्फ पोदिये गावड़े, कुमारी मुन्नी कर्मा, लक्ष्मी अटामी, कृष्णा पदामी सहित अन्य 37 सदस्य शामिल हैं। इन सभी का सामाजिक पुनर्वास और पुनः मुख्यधारा में समावेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

पुलिस और प्रशासन का कहना है कि आत्मसमर्पण की यह प्रक्रिया हिंसा के मार्ग को छोड़ने और शांति एवं विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।