अमेरिका और भारत के बीच तनाव के समय अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भरोसेमंद सहयोगी और नए राजदूत सर्जियो गोर शुक्रवार रात नई दिल्ली पहुँचे। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा कि भारत लौटकर बेहद अच्छा लग रहा है और दोनों देशों के लिए आगे कई सकारात्मक अवसर मौजूद हैं।

व्यापार विवाद पर भारत का जवाब
सर्जियो गोर की भारत आगमन ऐसे समय पर हुआ है जब व्यापार समझौते को लेकर चर्चा तेज है। अमेरिकी वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लुटनिक ने हाल ही में यह दावा किया था कि प्रधानमंत्री मोदी ने ट्रंप को फोन नहीं किया, इसलिए व्यापार समझौता संभव नहीं हो सका। भारत ने इस दावे को तुरंत खारिज करते हुए इसे गलत और तथ्यहीन बताया। विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि 2025 में दोनों नेताओं के बीच कई बार बातचीत हुई है और चर्चा अभी भी जारी है।

सर्जियो गोर के सामने प्राथमिक चुनौती
नए राजदूत के लिए सबसे बड़ी चुनौती भारत-अमेरिका के बीच बढ़े तनाव को कम करना होगी। पिछले कुछ महीनों में रिश्तों में कुछ खटास आई है। गोर ट्रंप प्रशासन में लंबे समय तक प्रभावशाली रहे हैं और राजदूत बनने से पहले व्हाइट हाउस में कार्मिक निदेशक के पद पर थे। उनका नाम अगस्त में राष्ट्रपति ट्रंप ने प्रस्तावित किया था और सीनेट ने अक्टूबर में मंजूरी दी।

सर्जियो गोर इससे पहले अक्टूबर 2024 में भी भारत आए थे, जब वे छह दिन रुके और प्रधानमंत्री मोदी एवं विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात की। अब उन्होंने आधिकारिक तौर पर अपने पद का कार्यभार संभाल लिया है। उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी व्यापार संबंधी मुद्दों का समाधान करना और दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाने के नए अवसर तलाशना होगी।