दक्षिण दिल्ली के पॉश इलाके ग्रेटर कैलाश में एक बार फिर साइबर ठगों का मामला सामने आया है। जालसाजों ने 70 वर्षीय अकेली रहने वाली महिला को कम से कम आठ दिनों तक डिजिटल तरीके से “कंट्रोल” किया और उसे अपने बैंक अकाउंट और फिक्स्ड डिपॉजिट से 7 करोड़ रुपये निकालने के लिए मजबूर किया। यह ग्रेटर कैलाश में ऐसा दूसरा बड़ा मामला है।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की आईएफएसओ ने शिकायत मिलते ही प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अभी तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, महिला का परिवार फर्नीचर का बिजनेस करता है। 5 जनवरी को उन्हें आरोपी का फोन आया, जिसने खुद को पुलिस अधिकारी बताकर चेतावनी दी कि महिला के नाम से हाल ही में जारी सिम कार्ड का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग और अन्य गैर-कानूनी गतिविधियों में किया गया है।
शुरुआत में महिला ने इन दावों को नकारा, लेकिन आरोपियों ने गिरफ्तारी की धमकी दी और वीडियो कॉल पर उसे अपने साथियों से मिलवाया। डर के कारण महिला ने घर की जानकारी और अपनी व्यक्तिगत स्थिति बताई, जैसे कि वह अकेली रहती है और उसका बेटा ऑस्ट्रेलिया में तथा बेटी गुरुग्राम में है।
अधिकारियों ने बताया कि 9 जनवरी से 12 जनवरी के बीच तीन बड़े लेनदेन किए गए। महिला ने अपने बैंक अकाउंट और फिक्स्ड डिपॉजिट से क्रमशः 4 करोड़ रुपये, 1.30 करोड़ रुपये और 1.60 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए। इस दौरान उसे अपने परिवार से संपर्क करने की अनुमति नहीं थी।
मंगलवार को महिला के परिवार ने उनसे संपर्क किया और ठगी का पता चला। बुधवार को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल से शिकायत दर्ज कराई गई।
डीसीपी (आईएफएसओ) विनीत कुमार ने बताया, “महिला ने तीन से चार दिनों में आरोपियों को पैसे भेजे। FIR दर्ज कर ली गई है। हमारे पास सभी अकाउंट डिटेल्स हैं और मामले की जांच जारी है। अकाउंट नए लग रहे हैं और फिलहाल ऐसा प्रतीत होता है कि इनका इस्तेमाल किसी अन्य मामले में नहीं किया गया है।”