नई दिल्ली। राजधानी में ईद-उल-फितर 2026 के मौके पर इस बार हाईटेक और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच नमाज अदा की जाएगी। हालिया घटनाओं जैसे उत्तम नगर हत्याकांड और अन्य सुरक्षा मामलों को ध्यान में रखते हुए दिल्ली पुलिस ने 15 हजार से अधिक अधिकारियों को तैनात किया है।

तकनीकी निगरानी और AI सिस्टम

दिल्ली पुलिस ने प्रमुख मस्जिदों, ईदगाहों और संवेदनशील इलाकों में ड्रोन कैमरे, सीसीटीवी और AI आधारित निगरानी प्रणाली तैनात की है। इससे भीड़भाड़ वाले स्थानों पर संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत पहचान संभव होगी और समय रहते कार्रवाई की जा सकेगी।

सुरक्षा योजना और सतर्कता

एडिशनल सीपी (पीआरओ) राजीव रंजन के अनुसार, ईद को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित रूप से संपन्न कराने के लिए बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। सभी जिलों में वरिष्ठ अधिकारियों ने मस्जिद कमेटियों, इमामों और आरडब्ल्यूए के साथ बैठक कर विस्तृत रणनीति बनाई।

पुरानी दिल्ली के इलाकों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। पिछले वर्ष तुर्कमान गेट स्थित दरगाह फैज-ए-इलाही में अतिक्रमण हटाने के दौरान हुई घटना को देखते हुए वहां अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है। इसके अलावा जामा मस्जिद और फतेहपुरी मस्जिद के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। नमाज के दौरान कई प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू रहेगा।

नागरिकों से पुलिस की अपील

दिल्ली पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर अफवाहें या गुमराह करने वाली जानकारी साझा न करें। पुलिस ने कहा कि सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस पॉलिसी लागू की जाएगी और नियम तोड़ने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी।

सीआइएसएफ और सीआरपीएफ की मदद

सीमापुरी, नंद नगरी, जाफराबाद, सीलमपुर, मुस्तफाबाद, शाहीन बाग, जामिया नगर, ओखला और कश्मीरी गेट जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है। सीआइएसएफ और सीआरपीएफ के जवान भी सुरक्षा व्यवस्था में शामिल हैं। अफवाह फैलाने वालों और असामाजिक तत्वों पर विशेष नजर रखी जाएगी।

वरिष्ठ अधिकारियों का निरीक्षण

स्पेशल लॉ एंड ऑर्डर जोन-वन के रविंद्र यादव और जोन-टू के मधुप तिवारी ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विभिन्न इलाकों का दौरा कर सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया। भीड़भाड़ वाले बाजारों और प्रमुख मार्गों पर सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी तैनात हैं, जबकि स्पेशल ब्रांच की टीमें खुफिया निगरानी में जुटी हैं।