पटना: राजधानी पटना में नीट की तैयारी कर रही एक छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत को लेकर हाईकोर्ट में लोकहित याचिका दायर की गई है।

याचिका सुषमा कुमारी की ओर से अधिवक्ता अलका वर्मा के माध्यम से दाखिल की गई है, जिसमें मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायालय से जांच में हस्तक्षेप करने की मांग की गई है।

याचिकाकर्ता ने कहा है कि यह घटना नीट की तैयारी कर रही छात्रा की असामयिक मौत से जुड़ी है, और इसे निष्पक्ष, पारदर्शी और विश्वसनीय तरीके से जांचा जाना चाहिए। इसके तहत याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट की निगरानी में पूरी जांच कराने का अनुरोध किया है, ताकि घटना की सच्चाई सामने आ सके।

जानकारी के अनुसार मृतका जहानाबाद जिले की निवासी थी। 5 जनवरी 2026 को वह अपने घर से लौटकर पटना स्थित हॉस्टल गई थी। 6 जनवरी की सुबह उसे बेहोशी की स्थिति में पाया गया और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के बावजूद 11 जनवरी को उसकी मृत्यु हो गई।

शुरुआत में पुलिस ने इसे नींद की गोलियों के ओवरडोज का मामला माना था, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दुष्कर्म और जबरन शारीरिक हिंसा के संकेत मिलने के बाद जांच की दिशा बदल गई। हालांकि, कई दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस किसी ठोस निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पाई है।

लोकहित याचिका में हॉस्टल सुरक्षा और प्रबंधन सुधार की भी कई सिफारिशें की गई हैं, जिनमें सीसीटीवी कैमरों की स्थापना, स्टाफ का पुलिस सत्यापन, बेहतर मेडिकल सुविधा, महिला वार्डन की नियुक्ति, हॉस्टल रेगुलेटरी अथॉरिटी का गठन और समय-समय पर सर्वेक्षण कराने की मांग शामिल है।

याचिकाकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि हॉस्टल प्रबंधन के अधिकारियों के बयान आपस में विरोधाभासी हैं, जिससे जांच की विश्वसनीयता पर प्रश्न उठते हैं। ऐसे हालात में हाईकोर्ट से सिर्फ मामले की जांच की निगरानी नहीं, बल्कि छात्रावासों में सुरक्षा और व्यवस्था सुधार के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश देने की भी मांग की गई है।