नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने स्पष्ट किया है कि महिलाओं को डीटीसी बसों में मुफ्त यात्रा के लिए फिलहाल किसी तरह की जल्दबाजी करने की जरूरत नहीं है। जब तक ‘पिंक साहेली स्मार्ट कार्ड’ सभी पात्र महिलाओं को उपलब्ध नहीं हो जाता, तब तक पिंक पेपर टिकट के माध्यम से ही मुफ्त यात्रा की सुविधा जारी रहेगी।
दिल्ली परिवहन निगम (DTC) की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि महिलाएं घबराएं नहीं और कार्ड बनवाने के लिए भीड़ न लगाएं। मौजूदा व्यवस्था के तहत बिना स्मार्ट कार्ड के भी महिलाएं पिंक पेपर टिकट के जरिए पहले की तरह बसों में मुफ्त सफर कर सकती हैं।
निगम के मुताबिक, जब बड़ी संख्या में पात्र महिलाओं को स्मार्ट कार्ड मिल जाएगा, तब धीरे-धीरे पेपर टिकट व्यवस्था को समाप्त कर कार्ड आधारित प्रणाली लागू की जाएगी। फिलहाल कार्ड वितरण की प्रक्रिया जारी है और इसे व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है।
क्या है पिंक साहेली स्मार्ट कार्ड?
दिल्ली सरकार की इस नई पहल की शुरुआत 2 मार्च 2026 को की गई थी। इस कार्ड के माध्यम से दिल्ली की महिला निवासियों और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को डीटीसी और क्लस्टर बसों में बिना किसी शुल्क के असीमित यात्रा की सुविधा मिलेगी। बस में चढ़ते समय कार्ड को टैप करके इसका उपयोग किया जा सकेगा।
इसके अलावा, इस कार्ड में राशि रिचार्ज कर इसे दिल्ली मेट्रो, आरआरटीएस और अन्य सार्वजनिक परिवहन सेवाओं में भुगतान के साथ यात्रा के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है। यह नई व्यवस्था धीरे-धीरे पुराने पिंक पेपर टिकट सिस्टम की जगह लेगी।
कार्ड कहां मिलेगा?
दिल्ली में करीब 50 तय काउंटर बनाए गए हैं, जहां से यह कार्ड मुफ्त में प्राप्त किया जा सकता है। इसके लिए दिल्ली की निवासी महिला या ट्रांसजेंडर होना जरूरी है। आवेदन के लिए आधार कार्ड, मोबाइल नंबर और दिल्ली का निवास प्रमाण प्रस्तुत करना होगा। कार्ड को आधार और मोबाइल नंबर से जोड़ा जाएगा, जिससे लाभ सही व्यक्ति तक पहुंचे।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा था कि यह स्मार्ट कार्ड महिलाओं को न केवल मुफ्त यात्रा की सुविधा देगा बल्कि उनके सफर को अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक भी बनाएगा। डीटीसी ने महिलाओं से अपील की है कि वे धैर्य रखें और सुविधा के अनुसार कार्ड बनवाएं, क्योंकि फिलहाल पिंक पेपर टिकट पूरी तरह मान्य है।