शिमला के बहुचर्चित मनीषा मित्तल हत्याकांड से जुड़े कथित षड्यंत्र मामले में मंगलवार को पुलिस को बड़ी प्रक्रिया संबंधी बाधा का सामना करना पड़ा। आरोप है कि मामले में मृतका के भाई हिमांक मित्तल को हिरासत में लेने और शिमला ले जाने की कार्रवाई के दौरान पुलिस उसे साथ नहीं ले जा सकी।

जानकारी के अनुसार, जेएमआईसी हिमांशु आर्या की अदालत ने मेडिकल रिपोर्ट उपलब्ध न होने के कारण ट्रांजिट रिमांड देने से इनकार कर दिया। इसके बाद शिमला पुलिस देर रात करीब आठ बजे हिमांक मित्तल का मेडिकल परीक्षण कराने के लिए सिविल अस्पताल पहुंची। अब पुलिस मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर बुधवार को एक बार फिर अदालत में रिमांड की अर्जी दाखिल करेगी।

इससे पहले हिमांक मित्तल ने हाउस अरेस्ट से पहले मीडिया से बातचीत में बताया था कि 1 जून को वह सिंहपुरा स्थित एक स्कूल गया था। वापसी के दौरान स्कॉर्पियो सवार अज्ञात लोगों ने उस पर हमला किया, जिसमें उसे गंभीर चोटें आईं। उसके अनुसार, उसके पैर में रॉड डाली गई है और हाथ भी फ्रैक्चर है। इसी कारण से वह फिलहाल घर पर ही आराम कर रहा है।