मुजफ्फरनगर में बिजली कटौती को लेकर हुए प्रदर्शन के बाद दर्ज मुकदमे ने अब राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर बड़ा रूप ले लिया है। मामला कैबिनेट मंत्री और बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारी के बीच तीखी बहस तक पहुंच गया, जहां मंगलवार शाम हुई समीक्षा बैठक में माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया।

बैठक के दौरान कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार ने मुख्य अभियंता विनोद कुमार से उपभोक्ताओं और जनप्रतिनिधियों के प्रति व्यवहार को लेकर नाराजगी जताई। इसी दौरान दोनों के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। बताया जा रहा है कि मंत्री की सख्त टिप्पणी के बाद मुख्य अभियंता कुछ देर के लिए अपनी कुर्सी छोड़कर बैठक से बाहर जाने के लिए उठ खड़े हुए, हालांकि मौजूद वरिष्ठ अधिकारियों ने उन्हें वापस बैठाया।


मंत्री ने बैठक में कहा कि बिजली विभाग के अधिकारियों को जनता के साथ शालीन और संवेदनशील भाषा में संवाद करना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अधिकारी जनता की सेवा के लिए हैं, न कि किसी प्रकार की राजनीतिक भाषा या टकराव के लिए।

इसी दौरान मंत्री और मुख्य अभियंता के बीच प्रस्तावों और अनुमोदन प्रक्रिया को लेकर भी बहस देखने को मिली। अधिकारी ने विभागीय प्रस्तावों और स्वीकृतियों का हवाला देते हुए अपनी बात रखी, जबकि मंत्री ने प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेजों की प्रतियां उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

बैठक के बाद का यह पूरा घटनाक्रम वीडियो में भी रिकॉर्ड हुआ है, जो अब सामने आने के बाद चर्चा का विषय बन गया है।

प्रदर्शन और मुकदमे से शुरू हुआ विवाद

इस पूरे मामले की शुरुआत दो दिन पहले गांधी कॉलोनी बिजलीघर पर बिजली कटौती के खिलाफ हुए प्रदर्शन से हुई थी। स्थानीय लोगों ने बिजली संकट को लेकर विरोध जताया था, जिसके बाद बिजली विभाग की ओर से कुछ प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा और अभद्रता के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया गया।

सूत्रों के अनुसार, मुकदमा दर्ज होने से पहले कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार ने विभागीय अधिकारियों से प्रदर्शनकारियों पर कठोर कार्रवाई न करने की सलाह दी थी। इसके बावजूद मामला दर्ज होने के बाद विवाद और बढ़ गया।


राजनीतिक हलचल भी बढ़ी

मुकदमे के बाद राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) से जुड़े कार्यकर्ताओं में भी नाराजगी देखने को मिली। सोमवार को बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मुख्य अभियंता कार्यालय पहुंचे और विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यालय की बिजली आपूर्ति भी अस्थायी रूप से बाधित रही, जिससे मौके पर तनाव की स्थिति बन गई थी।

प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की और बहस की स्थिति भी बनी थी।

मंत्री का पक्ष

बैठक के बाद कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल यह सुनिश्चित करना है कि बिजली विभाग जनता के साथ सम्मानजनक और संवेदनशील व्यवहार करे। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में बिजली आपूर्ति को लेकर चुनौतियां जरूर हैं, लेकिन आम लोगों की परेशानियों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

उन्होंने यह भी कहा कि समस्याओं का समाधान टकराव से नहीं, बल्कि संवाद और समझदारी से ही संभव है। साथ ही उन्होंने अधिकारियों को सार्वजनिक व्यवहार में मर्यादा बनाए रखने की सलाह दी।