शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने बताया कि राज्य चयन आयोग के माध्यम से 937 टीजीटी पदों की भर्ती पूरी कर ली गई है और इन पदों को प्राथमिकता के आधार पर दूरदराज़ के क्षेत्रों में भरा जाएगा। इसके साथ ही 1,200 जेबीटी पदों के लिए भी भर्ती प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जिसमें जहां छात्र संख्या 20 से अधिक होगी वहां दूसरा शिक्षक नियुक्त किया जाएगा। यह जानकारी उन्होंने बुधवार को नारला स्थित राजकीय डिग्री कॉलेज, द्रंग के वार्षिक समारोह में दी।

मंत्री ठाकुर ने कहा, “युवा हमारे देश की सबसे बड़ी संपदा हैं और उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना हमारा प्रमुख लक्ष्य होना चाहिए।” उन्होंने बताया कि प्रदेश में उच्च शिक्षा में सकल नामांकन अनुपात (GER) लगभग 43 प्रतिशत है, जो देश में तमिलनाडु के बाद दूसरे स्थान पर है, जबकि तमिलनाडु में यह लगभग 47 प्रतिशत है।

उन्होंने यह भी बताया कि वर्तमान सरकार ने अपने तीन साल के कार्यकाल में सात हजार अध्यापकों की नियुक्ति की है। स्कूल कैडर के पीजीटी के 600 से अधिक पद आयोग के माध्यम से भरे गए, जबकि पिछली सरकार के कार्यकाल में लगभग 500 ही पद भरे गए थे। वर्तमान में राज्य में 134 सरकारी महाविद्यालय संचालित हैं। मंत्री ने छात्रों को कौशल-आधारित और रोजगारोन्मुखी शिक्षा देने की आवश्यकता पर जोर दिया ताकि वे आने वाली चुनौतियों का सामना कर सकें।

शुक्रवार को शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर राज्य सचिवालय में विभागीय कामकाज की समीक्षा करेंगे। बैठक में सीबीएसई स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया, एक अप्रैल से नए पाठ्यक्रम की तैयारी और वित्त वर्ष 2025-26 के बजट कार्यान्वयन की स्थिति की समीक्षा की जाएगी।