किश्तवाड़ (जम्मू-कश्मीर)। किश्तवाड़ जिले में आतंकियों की तलाश के लिए सुरक्षाबल लगातार 11वें दिन भी व्यापक अभियान चला रहे हैं। भारी बर्फबारी और कठिन मौसम के बावजूद सिंहपोरा और आसपास के घने जंगलों में घेराबंदी कड़ी रखी गई है। सूत्रों के अनुसार, इस दौरान पुलिस ने दो से तीन संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।
बुधवार को भी सुरक्षा बलों ने जंगलों और पहाड़ी रास्तों का व्यापक सर्वेक्षण किया। आतंकियों के भागने के सभी संभावित मार्गों पर घेरा कड़ा कर दिया गया है। सूत्र बताते हैं कि सिंहपोरा में आतंकियों के बड़े ठिकाने को नष्ट करने के बाद से सर्च ऑपरेशन और तेज कर दिया गया है। इसी दबाव में 25 जनवरी की देर रात आतंकियों के साथ फिर मुठभेड़ हुई।
घेराबंदी और सर्च ऑपरेशन
सुरक्षाबल ऊंचाई वाले इलाकों, पहाड़ी मार्गों और नालों में लगातार तलाश कर रहे हैं। सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और अर्धसैनिक बल बर्फबारी, फिसलन और कम तापमान के बावजूद दिन-रात इलाके में गश्त कर रहे हैं। सिंहपोरा और आसपास के गांवों व संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं।
सेवानिवृत्त कर्नल सुशील पठानिया ने कहा कि आतंकियों का प्रमुख ठिकाना नष्ट होने के बाद उनके पास शरण स्थल कम हो गया है। उनका मानना है कि लगातार घेराबंदी और दबाव बनाए रखने से ही आतंकियों को समाप्त किया जा सकता है। पठानिया ने चेतावनी दी कि जंगलों का क्षेत्रगत ज्ञान रखने वाले आतंकियों को अगर अभी थोड़ी भी राहत मिली, तो वे इसका फायदा उठा सकते हैं।
इस अभियान में सुरक्षा बलों की रणनीति यही है कि घेराबंदी में कोई ढील न छोड़ी जाए, ताकि आतंकियों के पास भागने या छिपने का कोई मार्ग न रहे।