जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शुक्रवार को चेतावनी दी कि देश के खिलाफ गद्दारी करने वालों और आतंकवादियों को कभी बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि सुरक्षा एजेंसियां आतंकवाद से जुड़े सभी मामलों की गंभीर जांच करेंगी और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।
कश्मीरी पंडितों की सम्मानजनक वापसी पर केंद्र की प्रतिबद्धता दोहराई
सिन्हा ने कश्मीरी पंडितों की सम्मान और सुरक्षा के साथ घर वापसी को लेकर केंद्र की प्रतिबद्धता दोहराई। यह टिप्पणी उन्होंने प्रो. अशोक कौल की किताब कश्मीर-नेटिविटी रीगेंड के विमोचन समारोह में की, जो जम्मू विश्वविद्यालय के राजेंद्र सिंह सभागार में आयोजित था। उपराज्यपाल ने कहा, “अपनी धरती पर अजनबी बन जाना दुनिया के सबसे बड़े दुखों में से एक है। विस्थापित परिवारों की जड़ों से उजड़ने का दर्द आज भी उनकी रगों में महसूस होता है।”
युवा पीढ़ी को याद रखना चाहिए आतंकवाद की सच्चाई
मनोज सिन्हा ने युवा पीढ़ी से अपील की कि वे कभी न भूलें कि पाकिस्तान समर्थित आतंकियों ने हजारों निर्दोष कश्मीरी मुसलमानों का भी खून बहाया। उन्होंने कहा कि पिछले साल से परिवारों को न्याय मिलने लगा है और रोजगार व अन्य आवश्यक सहायता प्रदान की जा रही है।
अनुच्छेद 370 हटने से लौटने का भरोसा
सिन्हा ने बताया कि अगस्त 2019 में अनुच्छेद 370 हटने के बाद कश्मीरी पंडित समुदाय की युवा पीढ़ी अपने मूल स्थान की ओर बिना डर के लौट सकती है। समारोह में डीन रिसर्च स्टडीज डॉ. नीरज शर्मा, मंडलायुक्त रमेश कुमार, IGP जम्मू भीमसेन टूटी और कश्मीरी पंडित समुदाय के अन्य सदस्य मौजूद थे।
संस्कृति और परंपराओं को मुश्किल समय में बचाया
एलजी ने कहा कि विस्थापित परिवारों ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद दर्शन, संस्कृति, भाषा और परंपराओं को बनाए रखा। कश्मीर माइग्रेंट वेब पोर्टल लॉन्च कर उनके लिए सुविधाएं प्रदान की गईं। उपराज्यपाल ने 1989-90 के पलायन का दर्द साझा करते हुए कहा कि यह अनुभव हमेशा उनके दिल में रहेगा।
किताब में कश्मीरी पंडितों के संघर्ष की कहानी
उन्होंने कहा कि प्रो. कौल की किताब कश्मीरी पंडितों के पलायन और उनकी जड़ों से अलग होने की तबाही को उजागर करती है। यह केवल साहित्यिक प्रयास नहीं, बल्कि दशकों से छाई चुप्पी को तोड़ने की कोशिश है।
आतंकवाद और दुश्मनों के खिलाफ कार्रवाई
एलजी ने कहा कि 2019 के बाद जम्मू-कश्मीर में बड़े बदलाव हुए हैं। दुश्मनों की नापाक साजिशें नाकाम हुईं और क्षेत्र में विकास तेजी से हुआ। आतंकवाद से जुड़ी हर घटना की जांच की जाएगी और दोषियों को उनके अंजाम तक पहुंचाया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि आतंक फैलाने वालों को कोई माफी नहीं मिलेगी।