आरएसपुरा। जम्मू के आरएसपुरा स्थित जुवेनाइल ऑब्जर्वेशन होम से सोमवार शाम तीन नाबालिग फरार हो गए, जिन्होंने पहले पुलिसकर्मियों पर हमला किया। इन तीनों में दो पाकिस्तानी नागरिक—अहसान अनवर और मोहम्मद सनाउल्लाह—और गटारू हत्याकांड में शामिल आरएसपुरा निवासी करनजीत सिंह उर्फ इलियास गोगा शामिल हैं।

घटना करीब साढ़े पांच बजे हुई। हमले में हेड कांस्टेबल प्रवीण कुमार और एसपीओ विनय चौधरी गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को प्राथमिक उपचार के बाद जम्मू के सरकारी मेडिकल कॉलेज में रेफर किया गया, जहां उनकी स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।

बाल सुधार गृह में शुरू हुआ विवाद
पुलिस के अनुसार, बाल सुधार गृह में करीब 27 नाबालिग आपस में झगड़ रहे थे। जब प्रवीण कुमार और विनय चौधरी ने हस्तक्षेप किया, तो तीनों नाबालिगों ने अचानक हमला कर दिया। आरोप है कि उन्होंने पहले अन्य नाबालिगों को एक कमरे में बंद किया और फिर दोनों पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया।

देसी कट्टा के साथ फायरिंग
घायलों के मुताबिक, आरोपियों के पास देसी कट्टा था, जिससे फायरिंग भी की गई। एसपीओ विनय चौधरी के सिर में गंभीर चोट आई, और गोली लगने की आशंका जताई जा रही है। प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को बेहतर इलाज के लिए जम्मू रेफर किया गया।

बाइक छीनकर फरार
घटना के बाद तीनों आरोपी आरएसपुरा–अरनिया मुख्य मार्ग पर स्थित आशा राइस मिल के पास राहगीर की बाइक छीनकर सांबा–विजयपुर की ओर भाग निकले।

सुरक्षा में चूक और जांच
सूत्रों का कहना है कि यह योजना कई दिनों से बन रही थी। बाल सुधार गृह की पुरानी दीवार क्षतिग्रस्त होने के कारण हथियार अंदर पहुंचा और नाबालिगों ने यह हमला अंजाम दिया। मौजूदा समय में यहां 27 नाबालिग रखे गए हैं, जबकि छह पुलिसकर्मी तैनात हैं। घटना के समय केवल तीन पुलिसकर्मी मौजूद थे।

डीआईजी जम्मू–कठुआ रेंज शिव कुमार शर्मा मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा ले चुके हैं। पूरे क्षेत्र में नाकाबंदी और तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।

आपराधिक पृष्ठभूमि
सूत्रों के अनुसार, करनजीत सिंह उर्फ गोगा पहले भी कई आपराधिक मामलों में शामिल रहा है। उसकी नाबालिग स्थिति के कारण उसे बाल सुधार गृह में रखा गया था। यह घटना बाल सुधार गृह की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। पुलिस ने फरार नाबालिगों की खोज तेज कर दी है।