इंदौर में दूषित पानी पीने से हुई मौतों को लेकर पूरे प्रदेश में बहस तेज हो गई है। इस बीच सत्तारूढ़ भाजपा सरकार के मंत्री इस संवेदनशील मुद्दे पर मीडिया के सवालों से बचते दिखाई दे रहे हैं। ऐसा ही एक मामला कटनी जिले में सामने आया, जहां नगरीय प्रशासन मंत्री प्रतिमा बागरी पत्रकारों के सीधे सवालों का जवाब दिए बिना कार्यक्रम बीच में ही छोड़कर चली गईं।
कटनी शिक्षा संघ की ओर से द्वारका भवन में राज्य शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया था, जिसमें मंत्री प्रतिमा बागरी बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुई थीं। कार्यक्रम के दौरान जब मीडिया ने उनसे इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों और इस मामले को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर किए गए पोस्ट पर प्रतिक्रिया मांगी, तो उन्होंने सवालों को नजरअंदाज करते हुए विषय बदल दिया।
पत्रकारों के सवाल इंदौर की घटना पर केंद्रित थे, लेकिन मंत्री शिक्षा संघ और शिक्षक सम्मान समारोह से जुड़ी बातें करती रहीं। मीडिया द्वारा बार-बार सवाल दोहराए जाने के बावजूद लगभग एक मिनट तक उन्होंने केवल कार्यक्रम से संबंधित विषयों पर ही बयान दिया। इसके बाद औपचारिक धन्यवाद ज्ञापन कर वह बिना किसी जवाब के मंच से उतरकर कार्यक्रम स्थल से बाहर निकल गईं।
इस दौरान पत्रकारों ने कई बार इंदौर प्रकरण और विपक्ष के आरोपों पर उनका पक्ष जानने की कोशिश की, लेकिन मंत्री की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। मंत्री का यह व्यवहार कैमरे में कैद हो गया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। कांग्रेस, एनएसयूआई समेत कई राजनीतिक नेताओं और समाजसेवियों ने वीडियो साझा करते हुए भाजपा सरकार और मंत्री के रवैये पर सवाल उठाए हैं।
वहीं, कार्यक्रम में मौजूद सांसद दर्शन सिंह चौधरी ने कहा कि इंदौर में हुई घटनाओं को सरकार गंभीरता से ले रही है। उन्होंने दावा किया कि संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की जा चुकी है और आगे भी कठोर कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि मामला इंदौर तक सीमित है और उस पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों का यह मामला अब केवल प्रशासनिक चूक तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राजनीतिक बहस का केंद्र बन चुका है। विपक्ष सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग कर रहा है, जबकि मंत्रियों द्वारा सवालों से बचने का रवैया नई चर्चाओं को जन्म दे रहा है।