अमेरिका में अध्ययनरत भारतीय छात्रों को अमेरिकी दूतावास ने बुधवार को आगाह किया है कि यदि वे वहां के नियमों का उल्लंघन करते हैं, तो उन्हें देश से निष्कासित किया जा सकता है। दूतावास ने स्पष्ट किया कि अमेरिकी वीजा किसी अधिकार की बजाय एक विशेष सुविधा है, जिसे कानून तोड़ने पर रद्द किया जा सकता है।

सोशल मीडिया के जरिए जारी नोटिफिकेशन में दूतावास ने कहा कि यदि कोई छात्र गिरफ्तार होता है या किसी भी कानूनी उल्लंघन में लिप्त पाया जाता है, तो उसका वीजा रद्द हो सकता है, उसे अमेरिका से निर्वासित किया जा सकता है और भविष्य में वीजा प्राप्त करने पर रोक लग सकती है। छात्रों से अपील की गई है कि वे नियमों का पूरी तरह पालन करें और अपनी यात्रा को जोखिम में न डालें।

यह चेतावनी ऐसे समय में आई है, जब अमेरिकी प्रशासन ने हाल ही में छात्र वीजा प्रक्रिया में बदलावों की घोषणा की थी। इनमें वीजा शुल्क में वृद्धि, सोशल मीडिया की जांच अनिवार्य करना और अमेरिका में रहने की अवधि पर प्रस्तावित सीमाएँ शामिल हैं।

इन बदलावों के तहत राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चार जुलाई 2025 को ‘वन बिग ब्यूटीफुल बिल’ पर हस्ताक्षर किए। बिल के अनुसार, छात्रों को वीजा अखंडता शुल्क के रूप में 250 अमेरिकी डॉलर (करीब 21,500 रुपये) और फॉर्म आई-94 के लिए 24 डॉलर (लगभग 2,060 रुपये) का भुगतान करना होगा। फॉर्म आई-94 विदेशियों की आवाजाही का महत्वपूर्ण दस्तावेज है।

साथ ही, एच-1बी वीजा के लिए नए नियमों के तहत हर साल आवेदन शुल्क एक लाख अमेरिकी डॉलर निर्धारित किया गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि इसका सबसे अधिक असर भारतीय नागरिकों पर होगा, क्योंकि एच-1बी वीजा धारकों में भारतीयों की संख्या सबसे अधिक है।