मुंबई। 2021 में सामने आए जाह्नवी कुकरेजा हत्या मामले में मुंबई की अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। चार साल की लंबी सुनवाई के बाद, अदालत ने मृतका के दोस्त श्री जोगधनकर को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा दी, जबकि दूसरी आरोपी दिया पाडलकर को सबूतों की कमी के चलते बरी कर दिया गया। यह मामला उस समय शहर में काफी सुर्खियों में रहा था क्योंकि हत्या में शामिल लोग मृतका के अपने करीबी दोस्त थे।

मामले का विवरण

मुंबई की सत्र अदालत ने 19 वर्षीय जाह्नवी कुकरेजा की हत्या के आरोपी जोगधनकर को भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत दोषी पाया। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सत्यनारायण नवंदर ने कहा कि जोगधनकर के खिलाफ पर्याप्त सबूत मौजूद हैं। वहीं, सह-आरोपी दिया पाडलकर को संदेह का लाभ देते हुए बरी किया गया।

न्यू ईयर पार्टी के दौरान विवाद

पुलिस के अनुसार, घटना एक जनवरी 2021 की रात मुंबई के खार इलाके में एक इमारत की छत पर हुई न्यू ईयर पार्टी के दौरान हुई। जांच में पता चला कि झगड़ा जोगधनकर और पाडलकर की कथित नजदीकियों को लेकर शुरू हुआ और जल्दी ही हिंसक रूप ले लिया।

बेरहमी से हमला और हत्या

पुलिस ने अदालत को बताया कि आरोपियों ने जाह्नवी पर हमला किया और उसकी हत्या कर दी। इसके बाद शव को पांचवीं मंजिल से सीढ़ियों के रास्ते नीचे घसीटा गया। इस घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई थी और पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया था।

अदालत का निर्णय

सुनवाई में अदालत ने गवाहों और सबूतों के आधार पर जोगधनकर को हत्या का दोषी पाया। दिया पाडलकर के खिलाफ पर्याप्त प्रमाण न होने के कारण उसे बरी किया गया। अदालत ने कहा कि आपराधिक मामलों में दोष सिद्ध करने के लिए ठोस और स्पष्ट सबूत होना आवश्यक है।