मुंबई। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) की वरिष्ठ नेता सुनेत्रा पवार ने शनिवार को मुंबई के लोक भवन में आयोजित एक सादे समारोह में महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। इसके साथ ही वह राज्य की पहली महिला उपमुख्यमंत्री बन गईं। शपथ से पहले उन्होंने राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था।

इससे पहले महाराष्ट्र विधानभवन में हुई एनसीपी विधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति से सुनेत्रा पवार को पार्टी का नेता चुना गया था। उनके नाम का प्रस्ताव वरिष्ठ नेता दिलीप वलसे पाटिल ने रखा, जबकि छगन भुजबल ने समर्थन किया।

राज्यपाल ने दिलाई पद और गोपनीयता की शपथ

राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने लोक भवन में सुनेत्रा पवार को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, मंत्रिमंडल के सदस्य, एनसीपी के कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल, प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे और सुनेत्रा पवार के पुत्र जय पवार मौजूद रहे।

शपथग्रहण के दौरान सभागार में दिवंगत अजीत पवार के समर्थन में नारे भी गूंजते रहे, जिससे माहौल भावनात्मक हो गया।

अजीत पवार की तस्वीर के समक्ष भावुक हुए विधायक

एनसीपी विधायक दल की बैठक उसी कक्ष में हुई, जहां वर्षों तक अजीत पवार बैठते थे। वहां उनकी तस्वीर रखी गई थी, जिस पर पुष्प अर्पित करते हुए कई विधायक भावुक नजर आए। बैठक में पार्टी के संचालन से जुड़े सभी अधिकार भी सुनेत्रा पवार को सौंप दिए गए।

शरद पवार की प्रतिक्रिया

इस पूरे घटनाक्रम पर शरद पवार ने बारामती में मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्हें सुनेत्रा पवार के उपमुख्यमंत्री बनने की जानकारी समाचारों के माध्यम से मिली। उन्होंने बताया कि उनकी पार्टी और सुनेत्रा पवार की पार्टी अलग-अलग हैं और यह निर्णय एनसीपी का आंतरिक मामला है।

उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि पिछले चार महीनों से दोनों एनसीपी गुटों के बीच विलय को लेकर बातचीत चल रही थी, जिसमें दोनों पक्षों के वरिष्ठ नेता शामिल थे।

अजीत पवार के निधन के बाद लिया गया फैसला

उल्लेखनीय है कि महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार का हाल ही में एक विमान दुर्घटना में निधन हो गया था। उनके निधन से उत्पन्न हुई रिक्ति को भरने के लिए एनसीपी ने उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार को यह जिम्मेदारी सौंपने का निर्णय लिया। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी पार्टी के इस फैसले का समर्थन किया।

अब खाली हुई राज्यसभा सीट पर उनके बड़े बेटे पार्थ पवार को भेजे जाने की संभावना जताई जा रही है।

सुनेत्रा पवार का सामाजिक सफर

62 वर्षीय सुनेत्रा पवार वर्षों से बारामती क्षेत्र में सामाजिक कार्यों से जुड़ी रही हैं। धाराशीव (पूर्व उस्मानाबाद) में जन्मीं सुनेत्रा के पिता बाजीराव पाटिल और भाई पद्मसिंह पाटिल भी राजनीति में सक्रिय रहे हैं।

बारामती के काटेवाड़ी गांव में उन्होंने महिलाओं के सशक्तिकरण, स्वच्छता, सौर ऊर्जा, जैविक खेती और कचरा प्रबंधन जैसे कार्यों को बढ़ावा दिया। उनकी पहल से यह गांव ‘निर्मल ग्राम’ और बाद में ‘मॉडल इको विलेज’ के रूप में पहचान बना सका।

इसके अलावा, बारामती हाई-टेक टेक्सटाइल पार्क की स्थापना में भी उनकी अहम भूमिका रही, जिससे क्षेत्र में हजारों लोगों, विशेषकर महिलाओं को रोजगार मिला।