मुंबई: बलात्कार के आरोपी ज्योतिषी अशोक खरात से कथित संबंधों को लेकर बढ़ती आलोचनाओं के बीच राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) की महिला शाखा की प्रदेश अध्यक्ष रूपाली चाकणकर ने अपना पद छोड़ दिया है। रूपाली ने यह कदम तब उठाया जब शिवसेना (UBT) की ओर से उन पर गंभीर आरोप लगाए गए।

रूपाली चाकणकर ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया, "आज सुबह एनसीपी अध्यक्ष और उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार से फोन पर बातचीत के बाद, मैंने महिला शाखा के प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने का फैसला किया।"

उन्होंने स्पष्ट किया कि खरात मामले के सामने आने के पहले ही दिन उन्होंने अपना रुख स्पष्ट कर दिया था। रूपाली ने लिखा, "मेरा अशोक खरात के वित्तीय लेन-देन या किसी भी तरह के अवैध काम से कोई संबंध नहीं है। जांच में सभी तथ्य सामने आएंगे, लेकिन दुख की बात है कि मुझ पर निराधार आरोप लगाए जा रहे हैं।"

रूपाली ने यह भी कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और पुलिस महानिदेशक को पहले ही सूचित किया था कि खरात मामले की जांच निष्पक्ष रूप से होनी चाहिए।

एनसीपी पदाधिकारियों ने की थी हटाने की मांग

इससे पहले नासिक, अहिल्यानगर और अन्य जिलों के एनसीपी पदाधिकारियों ने सुनेत्रा पवार को पत्र लिखकर रूपाली चाकणकर को महिला विंग की प्रदेश अध्यक्ष पद से हटाने की मांग की थी। उनका कहना था कि अशोक खरात के साथ कथित संबंधों के कारण पार्टी की छवि प्रभावित हो रही है।

अशोक खरात पर बलात्कार का आरोप

नासिक जिले के मीरगांव में स्थित एक मंदिर ट्रस्ट के प्रमुख ज्योतिषी अशोक खरात को 18 मार्च को गिरफ्तार किया गया था। उन पर तीन साल से अधिक समय तक बार-बार महिला के साथ बलात्कार करने का आरोप है। अब तक उनके खिलाफ आठ एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं।