पश्चिम बंगाल में भाजपा ने आगामी चुनावों के लिए अपनी रणनीति तेज कर दी है। शनिवार को उत्तर 24 परगना में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अब बंगाल में टीएमसी की विदाई का समय आ चुका है और जनता बदलाव के मूड में है।

शाह ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार घुसपैठियों को संरक्षण दे रही है और इसी वजह से प्रदेश की पहचान और सुरक्षा दोनों खतरे में हैं। उन्होंने कहा कि बंगाल के लोग अब इस राजनीति को समझ चुके हैं और चुनाव में इसका जवाब देंगे।

वंदे मातरम को लेकर टीएमसी पर निशाना

अपने भाषण में गृह मंत्री ने वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ का जिक्र करते हुए ममता बनर्जी और उनकी पार्टी पर कड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि जब संसद में वंदे मातरम पर चर्चा हो रही थी, तब टीएमसी सांसदों ने उसका विरोध किया, जो बंगाल की सांस्कृतिक विरासत का अपमान है।

अमित शाह ने कहा कि वंदे मातरम का विरोध दरअसल भारत के गौरव और बंगाल की पहचान के खिलाफ है। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि ऐसी राजनीति को खत्म कर देशभक्त सरकार को सत्ता में लाया जाए।

आनंदपुर अग्निकांड को लेकर उठाए सवाल

अमित शाह ने आनंदपुर में हुई आग की घटना पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इस हादसे में 25 लोगों की जान चली गई और कई लोग अब भी लापता हैं, फिर भी सरकार की प्रतिक्रिया संतोषजनक नहीं रही। शाह ने पूछा कि फैक्ट्री का मालिक कौन है, उसका पैसा कहां से आया और उसे अब तक गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस मामले में वोट बैंक की राजनीति कर रही है, जबकि इसमें बंगाली नागरिकों की जान गई है।

न्यायिक जांच की मांग

गृह मंत्री ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से इस घटना की निष्पक्ष न्यायिक जांच कराने की मांग की और कहा कि दोषियों को सख्त सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि पीड़ितों से मिलने गए भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ पुलिस ने दुर्व्यवहार किया।

चुनावी आंकड़ों के जरिए दिया राजनीतिक संदेश

अमित शाह ने चुनावी आंकड़े गिनाते हुए कहा कि भाजपा बंगाल में लगातार मजबूत हुई है। उन्होंने दावा किया कि इस बार पार्टी का वोट प्रतिशत 50 से अधिक होगा और भाजपा प्रचंड बहुमत के साथ सरकार बनाएगी।