लुधियाना की अदालत ने बहन के ससुर-सास की नृशंस हत्या के मामले में यूके निवासी एनआरआई चरणजीत सिंह (39) को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। अमनदीप कौर की अदालत ने यह फैसला बिना किसी रियायत के दिया।

यह दर्दनाक घटना 4 मई 2022 को सामने आई थी, जब आरोपी ने अपनी बहन की शादीशुदा जिंदगी में कथित प्रताड़ना का हवाला देते हुए बहन के ससुर सुखदेव सिंह और सास गुरमीत कौर को चाकू से गोदकर मार डाला। पुलिस ने आरोपी को 7 मई 2022 को गिरफ्तार किया था।

अदालत में लंबी सुनवाई के दौरान चरणजीत सिंह ने खुद को निर्दोष बताया, लेकिन सभी गवाहों और सबूतों के आधार पर उसे दोषी करार दिया गया।

गवाहों की गवाही से साबित अपराध

शिकायतकर्ता पक्ष के वकील रमन कौशल और परउपकार घुम्मन के अनुसार, सराभा नगर थाने में मृतक दंपती की बेटी रूपिंदर कौर की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई थी। अभियोजन ने अदालत में कुल 13 गवाह पेश किए, जिनकी गवाही से आरोपी की अपराध पुष्टि हुई।

हत्या का कथित कारण

चरणजीत सिंह ने ट्रायल में दावा किया कि उसकी बहन सनप्रीत कौर को उसके ससुर-सास द्वारा लगातार प्रताड़ित किया जाता था। सनप्रीत की शादी उनके बेटे जगमोहन सिंह से हुई थी और वह स्कॉटलैंड के एडिनबर्ग में रहती है। आरोपी को डर था कि बुजुर्ग दंपती स्कॉटलैंड जाकर उसकी बहन को फिर से परेशान करेंगे, इसलिए उसने हत्या की साजिश रची।

हत्या की घटना का क्रम

पुलिस के अनुसार, घटना के दिन रूपिंदर कौर अपने पिता से फोन पर बात कर रही थीं, तभी दरवाजे पर खटखटाहट और चीख-पुकार सुनाई दी। उन्होंने तुरंत बीआरएस नगर स्थित घर पहुंचकर देखा कि माता-पिता खून से लथपथ मृत पड़े थे।

अभियोजन के मुताबिक, आरोपी जनवरी 2022 में लंदन से लुधियाना आया और रिश्तेदारों के यहां रह रहा था। घटना वाले दिन उसने घर की दो बार रेकी की। देर शाम, कार थोड़ी दूरी पर पार्क करके, वह घर पहुंचा और दरवाजा बजाने के बाद बहस शुरू हुई। इसके बाद उसने चाकू से दोनों पर कई वार कर हत्या अंजाम दी। फरार होते समय उसका सीसीटीवी फुटेज में रिकॉर्ड होना भी सामने आया।