जोधपुर: 25 वर्षीय कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की बुधवार शाम संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। साध्वी को अचेत अवस्था में उनके पिता ब्रह्मनाथ और एक अन्य व्यक्ति जोधपुर के अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

साध्वी के अचानक निधन ने उनके समर्थकों और जोधपुर स्थित आश्रम में हलचल मचा दी है। समर्थक मामले की निष्पक्ष जांच और फास्ट-ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की मांग कर रहे हैं। साध्वी के पिता का कहना है कि उनकी मौत गलत इंजेक्शन लगाने के कारण हुई।

इंजेक्शन के पांच मिनट में ही दम तोड़ा
जानकारी के अनुसार, साध्वी को हल्की खांसी-जुकाम की शिकायत के बाद आश्रम में ही एक कंपाउंडर बुलाया गया था। बताया गया है कि इंजेक्शन लगाए जाने के महज पांच मिनट बाद ही उनकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट अभी सार्वजनिक नहीं की गई है। पोस्टमार्टम के बाद शव को उनके पैतृक गांव जास्ती में ले जाया गया, जहां शुक्रवार को समाधि दी जाएगी।

संदेश ने बढ़ाया विवाद
मौत के बाद सोशल मीडिया पर साध्वी के इंस्टाग्राम से “अग्निपरीक्षा” और “अलविदा” जैसे संदेश पोस्ट किए गए, जिसमें लिखा था कि “जीते जी न्याय नहीं मिला, मेरे जाने के बाद न्याय मिलेगा।” उनके पिता ने स्वीकार किया कि यह संदेश साध्वी के मोबाइल से उनके किसी साथी गुरु महाराज द्वारा भेजा गया था।

पोस्टमार्टम और तनाव
साध्वी के समर्थक पोस्टमार्टम सरकारी अस्पताल में करवाने की मांग कर रहे थे, लेकिन पिता पहले तैयार नहीं हुए। देर रात पुलिस के हस्तक्षेप के बाद शव का पोस्टमार्टम किया गया। इस दौरान समर्थकों ने रिपोर्ट सार्वजनिक करने और पिता के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए हंगामा किया। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त छवि शर्मा ने बाद में साध्वी का मोबाइल अपने कब्जे में लिया, जिसकी जांच की जाएगी।

समर्थकों की नाराज़गी और पुराना विवाद
समर्थकों का आरोप है कि बुधवार दोपहर 12 बजे पिता ने एक निजी अस्पताल के कंपाउंडर को बुलाया, लेकिन तबीयत बिगड़ने के बावजूद साढ़े पांच घंटे तक साध्वी को घर में रखा गया। उन्हें तत्काल सरकारी अस्पताल क्यों नहीं ले जाया गया, इस पर सवाल उठ रहे हैं।

इसके अलावा, जुलाई 2025 का विवाद भी फिर सामने आया है। उस समय आश्रम के एक पूर्व कर्मचारी पर साध्वी और उनके पिता के साथ वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने का आरोप था। वीडियो में साध्वी अपने पिता के गले लग रही थीं। वीडियो सार्वजनिक होने और 20 लाख रुपये की मांग के कारण साध्वी मानसिक रूप से परेशान रहने लगी थीं।