प्रधानमंत्री Narendra Modi ने कहा है कि विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में नारी शक्ति की भूमिका बेहद अहम है। उनके मुताबिक आज महिलाएं शिक्षा, रोजगार, विज्ञान, उद्यमिता और रक्षा जैसे क्षेत्रों में तेज़ी से आगे बढ़ रही हैं और देश की प्रगति को नई दिशा दे रही हैं। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि महिलाओं की भागीदारी सिर्फ आर्थिक विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक बदलाव की मजबूत नींव भी बन रही है।
सरकार का फोकस महिलाओं को हर स्तर पर सशक्त बनाना है, ताकि वे आत्मनिर्भर बनें और फैसलों में सक्रिय भागीदारी निभा सकें। विभिन्न योजनाओं और नीतियों के जरिए उन्हें अवसर, सुरक्षा और सम्मान देने पर जोर दिया जा रहा है, जिससे वे राष्ट्र निर्माण में और मजबूती से योगदान दे सकें।
काशी से संदेश की शुरुआत
अपने संबोधन की शुरुआत प्रधानमंत्री ने “हर-हर महादेव” के जयघोष से की, जिसने पूरे माहौल को उत्साह से भर दिया। उन्होंने Varanasi की पहचान को सिर्फ एक शहर नहीं, बल्कि आध्यात्मिक ऊर्जा के केंद्र के रूप में बताया और कहा कि यहां हर कार्य भगवान शिव के आशीर्वाद से जुड़ा है।
आध्यात्मिक विरासत का उल्लेख
प्रधानमंत्री ने काशी को माता श्रृंगार गौरी, अन्नपूर्णा, विशालाक्षी और Ganga River की पवित्र भूमि बताते हुए इसकी सांस्कृतिक महत्ता पर प्रकाश डाला। उनके अनुसार, यह नगरी भारत की परंपराओं और आस्था को एक सूत्र में पिरोने का काम करती है।
नारी वंदन सम्मेलन की अहमियत
उन्होंने ‘नारी वंदन सम्मेलन’ को महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण का प्रतीक बताया। उनका कहना था कि महिलाओं की भागीदारी के बिना देश का समग्र विकास संभव नहीं है और ऐसे आयोजन उन्हें आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
स्वयं सहायता समूहों की ताकत
प्रधानमंत्री ने बताया कि देशभर में करीब 10 करोड़ महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं, जबकि लगभग 3 करोड़ महिलाएं “लखपति दीदी” बन चुकी हैं। इससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिली है।
सुकन्या समृद्धि योजना का प्रभाव
उन्होंने Sukanya Samriddhi Yojana का जिक्र करते हुए कहा कि यह योजना बेटियों के भविष्य को सुरक्षित करने में मददगार साबित हो रही है। इससे परिवार उनकी शिक्षा और विवाह के लिए बेहतर तैयारी कर पा रहे हैं, जिससे समाज में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है।
कनेक्टिविटी और परिवहन पर जोर
प्रधानमंत्री ने Ayodhya और काशी के बीच बेहतर संपर्क व्यवस्था तथा Amrit Bharat Express जैसी नई ट्रेनों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इससे यात्रियों को सुविधा मिलेगी और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
विकास परियोजनाओं को रफ्तार
उन्होंने बताया कि हजारों करोड़ रुपये की परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया गया है। इनमें सड़क, रेलवे, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़े कई काम शामिल हैं, जो काशी के समग्र विकास को गति देंगे।
नए भारत में नारी शक्ति
प्रधानमंत्री ने दोहराया कि नए भारत के निर्माण में महिलाएं अग्रणी भूमिका निभा रही हैं। सरकार का उद्देश्य उन्हें सिर्फ लाभार्थी नहीं, बल्कि विकास की भागीदार बनाना है, ताकि वे आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक रूप से सशक्त होकर आगे बढ़ सकें।
नारी वंदन अधिनियम का जिक्र
उन्होंने Nari Vandan Adhiniyam का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे राजनीति में महिलाओं को 33% आरक्षण देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है, जिससे उनकी भागीदारी संसद और विधानसभाओं में बढ़ेगी।
विपक्ष पर टिप्पणी
अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ राजनीतिक दल महिलाओं की बढ़ती भागीदारी से असहज हैं। उन्होंने कहा कि सरकार “नागरिक देवो भव:” की भावना के साथ काम कर रही है और सभी को साथ लेकर आगे बढ़ने के लिए प्रतिबद्ध है।