उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत विशेष शिक्षकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। प्रदेश सरकार ने 434 विशेष शिक्षकों को नियमित करने का फैसला लिया है। ये शिक्षक अब तक संविदा और अनुबंध के आधार पर दिव्यांग बच्चों को शिक्षा दे रहे थे। शासन स्तर से मंजूरी मिलने के बाद बेसिक शिक्षा निदेशक को आगे की प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
यह निर्णय सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुपालन में लिया गया है। दरअसल, रजनीश कुमार पांडेय की याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने दिव्यांग छात्रों के लिए नियमित विशेष शिक्षकों की नियुक्ति सुनिश्चित करने को कहा था। इसके बाद गठित स्क्रीनिंग कमेटी ने 540 शिक्षकों का चयन किया, जिनमें से 434 को सक्षम समिति की संस्तुति पर नियमित नियुक्ति के लिए चुना गया। अब इन शिक्षकों को सहायक अध्यापक (विशेष शिक्षा) के पद पर तैनात किया जाएगा और उन्हें नियमित वेतनमान का लाभ भी मिलेगा।
इस संबंध में बेसिक व माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करते हुए शासन को रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।
डीबीटी के जरिए छात्रों को मिलेगी सहायता
नए शैक्षिक सत्र 2026-27 के साथ ही सरकार ने छात्रों को आर्थिक सहायता देने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों को यूनिफॉर्म, जूते-मोजे, बैग और अन्य जरूरी सामग्री के लिए प्रति छात्र 1200 रुपये डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से दिए जाएंगे। इसके लिए 2.53 अरब रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है। यह राशि अभिभावकों के आधार से जुड़े बैंक खातों में भेजी जाएगी।
केजीबीवी में नामांकन बढ़ाने के निर्देश
इसके अलावा, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (केजीबीवी) में अधिक से अधिक छात्राओं का नामांकन सुनिश्चित करने के लिए भी निर्देश जारी किए गए हैं। सभी मंडलायुक्तों और मुख्य विकास अधिकारियों को शत-प्रतिशत नामांकन का लक्ष्य हासिल करने के लिए कहा गया है।