यूपी: समाजवादी पार्टी ने 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए अपने सामाजिक आधार को और मजबूत करने की रणनीति पर काम तेज कर दिया है। इसी क्रम में बुधवार को लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में समाजवादी ब्राह्मण सभा की एक अहम बैठक आयोजित की गई।
बैठक में ब्राह्मण सभा के पदाधिकारियों के साथ-साथ प्रदेश के कई जिलों से आए कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। इसमें अगस्त महीने में प्रस्तावित कार्यक्रमों की रूपरेखा, संगठन विस्तार और जमीनी स्तर पर पार्टी को मजबूत करने की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही गोरखपुर जिले के कार्यकर्ताओं के साथ अलग से बैठक कर संगठनात्मक गतिविधियों और जनसंपर्क अभियानों की समीक्षा भी की गई।
संगठन विस्तार और कार्यक्रमों पर फोकस
सूत्रों के मुताबिक, समाजवादी पार्टी ब्राह्मण समाज के बीच अपनी पैठ बढ़ाने की कोशिशों में जुटी है। बैठक में अगस्त में होने वाले आयोजनों को बड़े स्तर पर करने, जिम्मेदारियों के बंटवारे और अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
इस दौरान समाजवादी विचारधारा के प्रमुख नेता जनेश्वर मिश्र की जयंती को भव्य रूप से मनाने की योजना पर भी विचार-विमर्श हुआ। पार्टी नेताओं का मानना है कि ऐसे आयोजनों के जरिए सामाजिक समरसता और पार्टी के विचारों को व्यापक स्तर तक पहुंचाया जा सकता है।
बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने की रणनीति
बैठक में कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने, विभिन्न वर्गों के बीच संवाद बढ़ाने और आगामी चुनावों के लिए सक्रियता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। पार्टी नेतृत्व का मानना है कि मजबूत संगठन और सामाजिक समीकरणों के सहारे 2027 के चुनाव में बेहतर प्रदर्शन किया जा सकता है।
अखिलेश यादव का बयान
इसी बीच सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ‘इंडिया गठबंधन’ को लेकर कहा कि यह गठबंधन पहले की तरह ही कायम रहेगा और इसने भाजपा को चुनावी स्तर पर चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि कई तरह की बातें और अड़चनें सामने आती रहेंगी, लेकिन ये भाजपा को ही फायदा पहुंचाने की कोशिश हैं।
अखिलेश यादव ने यह भी आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार में भ्रष्टाचार चरम पर है और उन्होंने मांग की कि सरकार की विभिन्न परियोजनाओं और विकास कार्यों की बहु-सदस्यीय न्यायिक जांच कराई जानी चाहिए।