बिजनौर: भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत विजिलेंस बरेली की टीम ने बिजनौर के विकास भवन में तैनात जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) रिजवान अहमद को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। बताया जा रहा है कि उन्हें 20 हजार रुपये लेते समय रंगे हाथ पकड़ा गया। यह कार्रवाई एक पंचायत सचिव की शिकायत के आधार पर की गई।
जानकारी के अनुसार, एक लंबित कार्य को निपटाने के लिए डीपीआरओ ने पंचायत सचिव से 50 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी। सचिव इतनी बड़ी रकम देने के लिए तैयार नहीं थे। इसके बाद उन्होंने पूरे मामले की शिकायत विजिलेंस टीम से कर दी।
शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस टीम ने पहले मामले की जांच की और आरोपों की पुष्टि होने पर जाल बिछाया। योजना के तहत पंचायत सचिव को रिश्वत की रकम देने के लिए भेजा गया। जैसे ही डीपीआरओ ने पहली किस्त के रूप में 20 हजार रुपये स्वीकार किए, पहले से मौजूद विजिलेंस टीम ने उन्हें मौके पर ही पकड़ लिया।
कार्रवाई के दौरान टीम ने रिश्वत की रकम भी बरामद कर ली और अधिकारी को तुरंत हिरासत में ले लिया। विकास भवन में इस गिरफ्तारी की खबर फैलते ही प्रशासनिक विभागों में हलचल मच गई।
फिलहाल विजिलेंस टीम आरोपी अधिकारी से पूछताछ कर रही है और मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जाएगी। इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ एक सख्त संदेश के तौर पर देखा जा रहा है।