बिजनौर जनपद के हीमपुर दीपाक्षेत्र के उमरी पीर गांव में बुधवार सुबह करंट लगने से एक 65 वर्षीय श्रमिक की दर्दनाक मौत हो गई। यह हादसा उस समय हुआ जब वृद्ध मजदूरी के लिए घर से निकले थे और रास्ते में टूटे पड़े हाईटेंशन तार की चपेट में आ गए। घटना के बाद गांव में आक्रोश फैल गया और लोगों ने बिजली विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया।
जानकारी के मुताबिक, उमरी पीर निवासी 65 वर्षीय रमजानी पुत्र सुल्तान सुबह करीब साढ़े छह बजे साइकिल से मिठनपुर जंगल की ओर मजदूरी करने जा रहे थे। इसी दौरान जब वे चकमार्ग से गुजर रहे थे, तभी पहले से जमीन पर गिरे उच्च दाब विद्युत लाइन के टूटे तार के संपर्क में आने से वे करंट की चपेट में आ गए। मौके पर ही उनकी मौत हो गई। वहां से गुजर रहे अन्य ग्रामीणों ने उन्हें मृत अवस्था में देखा और तुरंत गांव में सूचना दी।
ग्रामीणों में आक्रोश, विभाग पर लापरवाही का आरोप
घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए और बिजली विभाग के खिलाफ नाराजगी जताई। लोगों का आरोप था कि क्षेत्र में लंबे समय से जर्जर और ढीले विद्युत तार पड़े हैं, जिनकी शिकायत कई बार करने के बावजूद सुधार नहीं किया गया।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि विभाग मानकों के अनुरूप वायरिंग और रखरखाव नहीं कर रहा, जिससे इस तरह के हादसे लगातार हो रहे हैं।
शव उठाने का किया विरोध
सूचना मिलने पर उपजिलाधिकारी नितिन तेवतिया और क्षेत्राधिकारी देश दीपक पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। इस दौरान ग्रामीणों और महिलाओं ने प्रशासन की गाड़ियों के सामने प्रदर्शन किया और करीब एक घंटे तक शव को उठाने से रोक दिया। ग्रामीण मृतक के परिवार को मुआवजा और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे।
बाद में अधिकारियों द्वारा उचित कार्रवाई और मुआवजे का आश्वासन दिए जाने के बाद स्थिति शांत हुई। इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरते हुए आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी।