लखनऊ में उत्तर प्रदेश सरकार की भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शिता और निष्पक्षता का एक और उदाहरण बुधवार को देखने को मिला। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा चयनित 930 कंप्यूटर ऑपरेटर (ग्रेड-ए) अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इस अवसर पर नियुक्ति पत्र प्राप्त करते ही चयनित युवाओं के चेहरों पर उत्साह और खुशी दिखाई दी।
पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया पर युवाओं का भरोसा
कार्यक्रम में मौजूद चयनित अभ्यर्थियों ने कहा कि पूरी भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष रही। उनका कहना था कि चयन में किसी भी तरह की सिफारिश या पैरवी की जरूरत नहीं पड़ी, बल्कि केवल योग्यता और मेहनत के आधार पर सफलता मिली।
लखनऊ के नीरज पाल ने बताया कि उन्हें चयन के लिए केवल 400 रुपये का आवेदन शुल्क देना पड़ा, इसके अलावा किसी प्रकार का खर्च या सिफारिश नहीं लगी। वहीं जौनपुर के अरविंद कुमार ने मुख्यमंत्री से नियुक्ति पत्र प्राप्त करना अपने जीवन का यादगार क्षण बताया।
बेटियों ने जताया संतोष
इस भर्ती प्रक्रिया में चयनित महिला अभ्यर्थियों ने भी संतोष और खुशी जाहिर की। हरदोई की अनामिका राजवंशी ने कहा कि पूरी प्रक्रिया में किसी प्रकार का भेदभाव नहीं हुआ और मेहनत करने वालों को उनका अधिकार मिला है। अंशिका मिश्रा ने इसे अपने परिवार के लिए गर्व का क्षण बताते हुए कहा कि वह अपनी जिम्मेदारी पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाएंगी।
आधुनिक तकनीक से सेवा का संकल्प
कई चयनित अभ्यर्थियों ने इस अवसर को अपने जीवन का सबसे महत्वपूर्ण पल बताया। बिजनौर के पर्व कुमार ने कहा कि जिस ईमानदारी के साथ भर्ती प्रक्रिया पूरी हुई है, उसी ईमानदारी से वे अपने कर्तव्यों का पालन करेंगे।
वहीं कार्तिक सैनी ने कहा कि वे आधुनिक तकनीक का उपयोग कर पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने में योगदान देंगे।
कुल मिलाकर इस कार्यक्रम में चयनित अभ्यर्थियों ने सरकार की भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और भरोसेमंद बताया तथा नई जिम्मेदारियों के साथ सेवा का संकल्प लिया।