गोरखपुर। पुलिस भर्ती परीक्षा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर लापरवाही सामने आने के बाद एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने सख्त कार्रवाई की है। परीक्षा केंद्र के अंदर मोबाइल फोन पहुंचने की घटना पर दो उपनिरीक्षकों को निलंबित कर दिया गया है, जबकि छह पुलिसकर्मियों को लाइनहाजिर करते हुए विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। वहीं, आरोपी अभ्यर्थी को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।
यह मामला सोमवार को एम्स थाना क्षेत्र स्थित नीना थापा स्कूल परीक्षा केंद्र का है। बिहार के नालंदा जिले के अस्थावां थाना क्षेत्र के बेलवरिया निवासी रामप्रकाश चौहान उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा देने गोरखपुर आया था। जांच व्यवस्था के बावजूद वह मोबाइल फोन को छिपाकर परीक्षा कक्ष तक पहुंच गया।
परीक्षा शुरू होने के कुछ समय बाद उसकी गतिविधियां संदिग्ध लगने पर कक्ष निरीक्षकों ने निगरानी बढ़ाई। इसी दौरान वह प्रश्नपत्र की तस्वीर लेने की कोशिश करता हुआ पाया गया। तलाशी लेने पर उसके पास से मोबाइल फोन बरामद किया गया, हालांकि जांच में यह सामने आया कि वह किसी को फोटो भेज नहीं सका था।
घटना के बाद केंद्र प्रशासन ने उसे परीक्षा से बाहर कर पुलिस को सूचना दी। एम्स थाना पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर उसके खिलाफ सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम सहित संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया और उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
मामले की जांच के बाद यह स्पष्ट हुआ कि प्रवेश द्वार पर अभ्यर्थियों की जांच में गंभीर चूक हुई थी। निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन न होने के कारण मोबाइल फोन अंदर पहुंच सका। प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर उपनिरीक्षक अंकित कुमार और चंद्रेश्वर यादव को निलंबित किया गया है।
इसके अलावा ड्यूटी पर तैनात आरक्षी सरोज सोनू, मंगेश कुमार, प्रतीक वर्मा, जितेंद्र कुमार, अनुज यादव और सौरभ मौर्य को लाइनहाजिर कर विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं। एसएसपी ने मामले की विस्तृत जांच एसपी उत्तरी को सौंपी है।