राजौरी। जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में एक बार फिर जंगलों में आग लगने की घटनाएं सामने आई हैं। बुधवार को जिले के कई वन क्षेत्रों में अचानक आग भड़क उठी, जिससे आसपास के इलाकों में चिंता का माहौल बन गया।
अधिकारियों के अनुसार, तेज गर्मी, लगातार चल रही लू और लंबे समय से जारी सूखे हालात को इन आग की घटनाओं का मुख्य कारण माना जा रहा है। आग कई हिस्सों में फैल चुकी है, जिसे नियंत्रित करने के लिए वन विभाग के कर्मचारी और स्थानीय प्रशासन लगातार प्रयास कर रहे हैं।
यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब कुछ दिन पहले ही वन विभाग ने जिले में जंगलों में आग लगने की बढ़ती घटनाओं पर चिंता जताई थी। 3 जून को वन संरक्षक (पश्चिम सर्कल) सत पाल ने बताया था कि पिछले लगभग 12 हफ्तों में राजौरी जिले में करीब 45 जंगल आग की घटनाएं दर्ज की गई हैं, जिनमें राजौरी और नौशेरा दोनों वन डिवीजन शामिल हैं।
बढ़ती आग की घटनाएं और नुकसान
वन विभाग के अनुसार, गर्म और शुष्क मौसम के चलते कालाकोट तहसील के सियालसुई खादर क्षेत्र में भी जंगल का बड़ा हिस्सा आग की चपेट में आ चुका है। अधिकारियों का कहना है कि हालांकि अधिकतर आग सतही स्तर की है, लेकिन इससे जैव विविधता को काफी नुकसान पहुंच रहा है। पक्षियों, छोटे जानवरों, सरीसृपों और वनस्पतियों पर इसका गंभीर प्रभाव पड़ रहा है।
वन विभाग के एक अधिकारी ने बताया था कि आग पर नियंत्रण और त्वरित प्रतिक्रिया के लिए संसाधनों को तेजी से जुटाने और बेहतर समन्वय व्यवस्था पर काम किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा था कि हाल ही में हुई थोड़ी बारिश से तापमान में कुछ गिरावट आई है, जिससे आग की घटनाओं में कमी की उम्मीद है।
जनता से सहयोग की अपील
अधिकारियों ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे जंगल में आग से जुड़ी किसी भी लापरवाही से बचें और सतर्कता बरतें। लोगों से यह भी कहा गया है कि किसी भी आग की घटना की तुरंत सूचना प्रशासन को दें ताकि समय रहते उसे नियंत्रित किया जा सके।
वन विभाग, वन सुरक्षा बल और स्थानीय स्वयंसेवक लगातार मिलकर आग बुझाने और उसे फैलने से रोकने के प्रयासों में जुटे हुए हैं।