यूपी के हापुड़ में एक कॉलेज प्रवक्ता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने इलाके में सनसनी मचा दी। बताया जा रहा है कि प्रवक्ता पिछले कई दिनों से गहरे मानसिक तनाव में थे और बीते छह दिन से घर नहीं गए थे। उनका रहन-सहन कॉलेज की लैब तक सीमित था, जहां वे सोते और रहते थे। सोमवार को उन्होंने जहर खाकर आत्महत्या कर ली।

शव रोशनदान से देखा गया

नगर कोतवाली क्षेत्र के मेरठ रोड स्थित श्री शांति स्वरूप इंटर कॉलेज में 55 वर्षीय प्रवक्ता रविंद्र कुमार का शव लैब में पाया गया। सुबह जब स्टाफ को उनकी अनुपस्थिति पर शक हुआ, तो उन्होंने रोशनदान से झांककर देखा, जहां रविंद्र कुमार का शव पड़ा था। तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।

लैब अंदर से बंद थी

पुलिस ने मौके पर पहुंचकर लैब का दरवाजा तोड़ा और शव बाहर निकाला। जांच में पता चला कि लैब के दोनों गेट अंदर से बंद थे। अंदर फोल्डिंग बेड, कपड़े, कुकर में बनी सब्जी, बिस्किट और कुछ दवाइयां पाई गईं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि वह कई दिनों से वहीं रह रहे थे।

मानसिक तनाव से जूझ रहे थे

कॉलेज प्रबंधन के अनुसार, रविंद्र कुमार पिछले समय से मानसिक तनाव से जूझ रहे थे। बताया जा रहा है कि इस तनाव या पारिवारिक दबाव के कारण उन्होंने यह कदम उठाया। मृतक मूल रूप से मुजफ्फरनगर के गांव घटायन के रहने वाले थे और लगभग 10 साल से कॉलेज में पढ़ा रहे थे।

पुलिस की जांच

एसपी ज्ञानंजय सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में जहरीले पदार्थ के सेवन से मौत की आशंका जताई जा रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारण का पता चलेगा। पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी है।