उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले के पिलखुवा क्षेत्र में शिक्षा विभाग की जांच के दौरान बड़ा खुलासा सामने आया है। निरीक्षण में दो निजी स्कूल बिना मान्यता के संचालित होते पाए गए, जबकि दो सरकारी कंपोजिट स्कूलों में ताले लगे मिले। इस दौरान बच्चों को स्कूल परिसर के बाहर खेलते हुए देखा गया।
बिना मान्यता चल रहे स्कूलों पर कार्रवाई
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी Ritu Tomar ने मंगलवार सुबह पिलखुवा क्षेत्र के स्कूलों का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान मगनुम और ग्रेस पब्लिक स्कूल बिना मान्यता के चलते पाए गए। अधिकारियों के अनुसार इन स्कूलों से मान्यता संबंधी दस्तावेज मांगे गए, लेकिन वे उपलब्ध नहीं कराए जा सके।
इसके अलावा, इन स्कूलों में बच्चों को निजी किताबें और बैग बेचे जाने की भी जानकारी सामने आई है। विभाग ने इसे गंभीर अनियमितता मानते हुए दोनों स्कूलों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है।
कंपोजिट स्कूलों में मिली लापरवाही
निरीक्षण के दौरान लाखन और हिंडालपुर स्थित कंपोजिट स्कूलों के गेट बंद मिले, जबकि बच्चे बाहर खेलते हुए नजर आए। स्कूल परिसर में किसी भी शिक्षक की मौजूदगी नहीं पाई गई।
बीएसए के अनुसार, वह काफी देर तक मौके पर रहीं, लेकिन कोई शिक्षक उपस्थित नहीं हुआ। बाद में दूसरे स्कूल के शिक्षक देर से पहुंचे।
पहले भी दी गई थी चेतावनी
अधिकारियों ने बताया कि इससे पहले भी इस क्षेत्र में कुछ स्कूलों को चेतावनी दी जा चुकी है। निरीक्षण के दौरान बच्चों से शैक्षणिक सवाल भी पूछे गए, जिनमें कई बच्चों ने संतोषजनक जवाब दिए।
आगे की कार्रवाई की तैयारी
चारों स्कूलों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। विभाग अब इनके खिलाफ आगे की कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। साथ ही खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि क्षेत्र में कोई भी बिना मान्यता वाला स्कूल संचालित न हो।
बीएसए Ritu Tomar ने कहा कि निरीक्षण के दौरान कई खामियां सामने आई हैं और सभी संबंधित स्कूलों से स्पष्टीकरण मांगा गया है।