कासगंज जिले के कछला गंगाघाट पर शुक्रवार सुबह गंगा स्नान के दौरान एक दर्दनाक हादसा हो गया। नहाने के दौरान गहरे पानी में चले जाने से तीन बच्चे डूबने लगे, जिनमें से दो को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि 13 वर्षीय एक किशोरी की जान नहीं बचाई जा सकी। करीब दो घंटे की तलाश के बाद उसका शव बरामद किया गया।

जानकारी के अनुसार, ग्राम बहेड़िया निवासी धनवती अपने परिजनों और बच्चों के साथ शनिवार सुबह कछला घाट पर गंगा स्नान के लिए पहुंची थीं। स्नान के दौरान मुस्कान (13), रितिक (8) और उनकी मौसी की बेटी ममता (13) अचानक गहरे पानी की ओर चले गए और डूबने लगे। बच्चों की चीख सुनकर घाट पर मौजूद नाविक और गोताखोर तुरंत मदद के लिए पहुंचे।

स्थानीय लोगों की तत्परता से ममता और रितिक को तो बचा लिया गया, लेकिन मुस्कान पानी के तेज बहाव में लापता हो गई।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन सक्रिय हो गया और लगभग 20 गोताखोरों की टीम को सर्च ऑपरेशन में लगाया गया। करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद गोताखोर सरवन, सद्दाम, जाबिर, शेर मोहम्मद और अनवर की टीम ने किशोरी का शव बरामद किया। घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई।

घटना की जानकारी मिलते ही बहेड़िया गांव से भी बड़ी संख्या में लोग कछला घाट पहुंच गए। हादसे से बचाए गए दोनों बच्चे अभी भी सदमे की स्थिति में बताए जा रहे हैं। पुलिस चौकी इंचार्ज भूपेंद्र सिंह ने बताया कि परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया, जिसके बाद पंचनामा की कार्रवाई पूरी कर शव उन्हें सौंप दिया गया।

घाट पर सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
इस दर्दनाक घटना के बाद कछला गंगाघाट पर सुरक्षा इंतजामों को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी देखने को मिली। ग्रामीणों का कहना है कि यहां आए दिन श्रद्धालु गहरे पानी में जाने के कारण हादसों का शिकार हो जाते हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। न तो पर्याप्त बैरिकेडिंग है और न ही चेतावनी संकेत, जिससे लगातार लापरवाही उजागर हो रही है।