पटना। बिहार पुलिस बल को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार ने सिपाही से लेकर दारोगा स्तर तक कुल 48,000 से अधिक नए पदों के सृजन को मंजूरी दी है। यह निर्णय बढ़ती आबादी और कानून-व्यवस्था की जरूरतों को देखते हुए लिया गया है।
इनमें से 37,978 पदों पर सीधी भर्ती की जाएगी, जबकि 10,468 दारोगा पदों को पदोन्नति के माध्यम से भरा जाएगा। बिहार पुलिस में कार्यरत सहायक अवर निरीक्षकों को वरिष्ठता के आधार पर दारोगा पद पर प्रमोशन दिया जाएगा। इस प्रस्ताव को राज्य मंत्रिपरिषद पहले ही मंजूरी दे चुकी है।
गृह विभाग (आरक्षी शाखा) के अनुसार, कुल 48,447 पदों में सबसे अधिक 27,510 पद सिपाही और समकक्ष श्रेणी के होंगे। इनमें 22,010 पद सामान्य सिपाही और 5,500 पद चालक सिपाही के लिए निर्धारित किए गए हैं।
पुलिस अवर निरीक्षक (दारोगा) के कुल 20,937 पदों में से आधे पदों को प्रोन्नति से भरा जाएगा। शेष 10,468 पदों पर सीधी भर्ती की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
इसके अलावा राज्य सरकार ने आपातकालीन सेवा डायल-112 की क्षमता बढ़ाने का भी निर्णय लिया है। दूसरे चरण में 19,288 पुलिसकर्मियों को इस सेवा से जोड़ा जाएगा, जिनमें सिपाही से लेकर इंस्पेक्टर स्तर तक के पद शामिल हैं।
डायल-112 व्यवस्था के तहत 9,992 सिपाही, 2,943 हवलदार, 2,353 चालक सिपाही, 694 चालक हवलदार, 1,218 एएसआई, 1,829 एसआई और 259 इंस्पेक्टर के पद शामिल हैं। इनमें से अधिकांश पदों पर नई भर्ती की जाएगी।
इसी बीच राजधानी पटना में प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए एक नया पद भी सृजित किया गया है। अब एएसपी (नगर व्यवस्था) की नियुक्ति की जाएगी, जिसके अंतर्गत पटना मध्य, पटना पूर्वी और पटना पश्चिमी क्षेत्रों की पुलिसिंग व्यवस्था शामिल होगी।
यह अधिकारी स्थानीय प्रशासन और निकायों के बीच समन्वय स्थापित करने के साथ-साथ शहरी सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी की जिम्मेदारी भी संभालेगा।